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CID कर्मी के भाई की शिकायत पर FIR:शिकायत में बोला- भिवानी में ब्लास्ट हुआ, अंदर था कोई विस्फोटक, नहीं मिले आग बुझाने के संयंत्र




भिवानी से हांसी जा रही प्राइवेट बस में गांव मिलकपुर के नजदीक आग लगने के कारण जलने से मरने वाले सीआई में एएसआई सुनील कुमार के भाई की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर में आरोप लगाए हैं कि बस में विस्फोटक पदार्थ था, जिसके कारण ब्लॉस्ट हुआ। वहीं बस के अंदर आग बुझाने के यंत्र भी नहीं थे। जिसके कारण यह हादसा हुआ। जिसके आधार पर पुलिस ने चालक व परिचालक के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। भिवानी के गांव बड़सी जाटान निवासी अनिल कुमार ने पुलिस को शिकायत दी। शिकायत में बताया कि उसका छोटा भाई सुनील कुमार सीआईडी भिवानी में नौकरी करता था। जिसकी ड्यूटी बवानीखेड़ा में थी। 27 अप्रैल को सुनील कुमार अपनी ड्यूटी थाना बवानीखेड़ा में थी। 27 अप्रैल को सुनील कुमार बवानीखेड़ा में था। जब शाम करीब 7 बजकर 50 मिनट पर उससे संपर्क किया गया तो उसके फोन से कोई संपर्क नहीं हुआ। बार-बार संपर्क करने का प्रयास किया। इसके बाद पता चला कि गांव मिलकपुर के पास प्राइवेट बस सोसायटी में बहुत तेज गति से हांसी की तरफ आ रही थी। गांव मिलकपुर के पास बस पहुंची तो अचानक तेज धमाका हुआ। जिस कारण बस में आग लग गई। जिसमें करीब 20 सवारियां सवार थी। बस में आग लगने के कारण 2 व्यक्ति बस में जिंदा जल गए। करीब 12 सवारियां आग से झुलसने के कारण घायल हो गए। बस में जो दो लोग जिंदा जले उनमें से एक उसका भाई सुनील कुमार होने का अंदेशा हुआ। जिस पर उन्होंने डीएनए टेस्ट करवाया। जिसकी रिपोर्ट प्राप्त हुई, जिसमें उसके भाई सुनील की बस ब्लास्ट के कारण मौत हो गई। उन्होंने शक जताया कि बस में ड्राइवर व कंडक्टर के द्वारा बस के अंदर कोई विस्फोटक पदार्थ या पेट्रोल रखा गया था या रखवाया गया था। जिस कारण से बस में विस्फोट होने से आग लग गई। अन्य सवारियों को बचाने के प्रयास में उसके भाई सुनील की मृत्यु हो गई। वहीं एक अन्य व्यक्ति भिवानी के सेवा नगर निवासी बलजीत सिंह की मौ हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बस चालक व परिचालक ने बस में विसुफोटक पदार्थ रखा गया या रखवाए जाने का संदेह है। इस धमाके की जांच करवाई जाए। संबंधित के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। वहीं इस बस में आग बुझाने के संयंत्र भी नहीं थे। यदि संयंत्र होते तो तुरंत आग बुझाने में उसके भाई की जान बच सकती थी। जिसकी जिम्मेवारी बस चालक व परिचालक की बनती है। रिपोर्ट आने के बाद तय होगी दिशा
भिवानी के एसपी सुमित कुमार ने कहा कि घायलों से पूछताछ में बताया कि जो पुलिसकर्मी सुनील है, उसने अन्य घायलों की जान बचाने का प्रयास किया। उसने अपनी जान की परवाह किए बना वहां महिलाओं को बाहर निकालने का प्रयास किया है। यह बहुत बहादुरी का काम है। उन्होंने कहा कि अभी बयानों के आधार पर एफआईआर दर्ज की है। अभी कुछ टेस्ट रिपोर्ट आना बकाया है, जो आनी हैं। जांच की जो दिशा रहेगी, वह फॉरेंसिक की रिपोर्ट आने के बाद ही तय करेंगे। बैलेस्टिक जांच के अलावा गाड़ी के मैकेनिकल मुलायजा है, उसकी जांच जारी रहेगी।



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