चंडीगढ़ प्रशासन का संशोधित ईवी इंसेंटिव प्रस्ताव केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रहा है।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन का संशोधित ईवी इंसेंटिव प्रस्ताव पिछले एक साल से केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। प्रशासन ने 30 जुलाई 2025 को इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) नीति की चौथी समीक्षा के बाद इलेक्ट्रिक कारों पर द
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इधर, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईंधन सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच केंद्र और कई राज्य इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियां लागू कर रहे हैं। वहीं, चंडीगढ़ में संशोधित ईवी नीति अभी भी मंजूरी का इंतजार कर रही है।
महिलाओं के लिए 37,500 रुपए इंसेंटिव का प्रस्ताव
प्रशासन ने महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष प्रावधान भी प्रस्तावित किए हैं। इसके तहत महिला के नाम पर खरीदे जाने वाले इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन पर 12,500 रुपए प्रति किलोवाट के हिसाब से अधिकतम 37,500 रुपए तक इंसेंटिव देने का प्रस्ताव है। यह लाभ भी गृह मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद ही लागू होगा।
इसके अलावा ई-साइकिल खरीदने पर मिलने वाली सब्सिडी 4,000 रुपए से बढ़ाकर 6,000 रुपए करने का प्रस्ताव भी एक साल से लंबित है।
दिल्ली ने लागू की नई ईवी नीति
दिल्ली सरकार ने मंगलवार से नई इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति लागू कर दी है। नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए कई नए प्रावधान किए गए हैं। रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट के साथ इलेक्ट्रिक ऑटो को भी बढ़ावा दिया गया है।
ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब दिल्ली नई नीति के साथ आगे बढ़ चुकी है, तब चंडीगढ़ में संशोधित ईवी नीति अब तक मंजूरी का इंतजार क्यों कर रही है। हालांकि, चंडीगढ़ में अभी भी इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
गृह मंत्रालय के साथ हुई चर्चा
मंगलवार और बुधवार को चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों ने गृह मंत्रालय के साथ शहर के विभिन्न मुद्दों पर बैठक की। इस दौरान संशोधित ईवी नीति और लंबित इंसेंटिव प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। हालांकि मंजूरी को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 के पहले 5 महीनों में चंडीगढ़ में 1,000 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण हुआ है। इनमें इलेक्ट्रिक कारें और दोपहिया वाहन शामिल हैं।
जनवरी 2026: 242 इलेक्ट्रिक कारें और 126 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन पंजीकृत।
फरवरी 2026: 150 इलेक्ट्रिक कारें और 70 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन पंजीकृत। प्रशासन ने आने वाले समय में शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है।
