चंडीगढ़1 घंटे पहले
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चंडीगढ़ की चंडीगढ़ रिन्यूवेबेल एनर्जी सांइस एंड टेक्निकल प्रमोशन सोसाइटी (CREST) के खातों से 75.34 करोड़ रुपए के कथित गबन मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। सीबीआई ने विशेष सीबीआई अदालत में 13 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र पेश किया।
चार्जशीट में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के 5 अधिकारियों, CREST के 2 सरकारी अधिकारियों, 2 शेल कंपनियों और 4 निजी व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। सीबीआई के अनुसार सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
हरियाणा के ये अधिकारी भी सीबीआई के रडार पर…
सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत का आरोप
सीबीआई जांच में आरोप है कि CREST के बैंक खातों में जमा सरकारी धन को बैंक अधिकारियों और CREST के सार्वजनिक सेवकों की कथित सांठगांठ से अवैध रूप से निकाला गया। बाद में इस राशि को निजी व्यक्तियों और शेल कंपनियों के जरिए हड़प लिया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क के माध्यम से 75.34 करोड़ रुपए की सरकारी राशि का गबन किया गया।
इन धाराओं के तहत दर्ज है मामला
आरोपियों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, जालसाजी, सबूत नष्ट करने तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सीबीआई के अनुसार CREST फंड गबन मामला हरियाणा और चंडीगढ़ में सामने आए तीन बड़े वित्तीय घोटालों में से एक है।
हरियाणा के 8 विभागों से जुड़ा मामला
हरियाणा सरकार के 8 विभागों से जुड़े बैंक फ्रॉड मामले में पहले ही 17 आरोपियों के खिलाफ दो चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं। चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़े मामले में 7 आरोपियों के खिलाफ एक चार्जशीट दायर की जा चुकी है। अब CREST मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की गई है।
जांच अभी जारी, और आरोपियों पर गिर सकती है गाज
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि तीनों मामलों की जांच अभी जारी है और आगे भी नई चार्जशीट दाखिल की जा सकती हैं। एजेंसी का कहना है कि भ्रष्टाचार और वित्तीय अपराधों के मामलों में निष्पक्ष तथा त्वरित जांच सुनिश्चित की जाएगी और दोषियों को सजा दिलाने तक कार्रवाई जारी रहेगी।
