शहर के ऑल इंडिया बाइक राइडर और ब्लॉगर शंकर जोशी से साइबर फ्रॉड हुआ है। फोन सिक्योरिटी सिस्टम मैसेज अपडेट के बहाने यह ठगी हुई। फोन उनकी जेब में रहा, जबकि उनके क्रेडिट व डेबिट कार्ड से शॉपिंग तक हो गई। करीब 2.72 लाख रुपये खाते से निकल गए।
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इस संबंध में उन्होंने चंडीगढ़ स्टेट साइबर सेल और एसएसपी चंडीगढ़ को शिकायत दी है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में तुरंत एक्शन होना चाहिए। ताकि उनके खाते से निकली रकम तुरंत दिलाई जाए।
साइबर क्राइम पोर्टल् पर भेजी शिकायत।
अब 6 प्वाइंट में जानिए सौरभ जोशी से यह ठगी कैसे हुई
1.फोन सिक्योरिटी अपडेट मैसेज आया: शंकर जोशी ने बताया कि वह बाइक राइडर और ब्लॉगर हैं। उनका कूरियर का बिजनेस है। इस वजह से उनके पास मल्टीपल क्रेडिट कार्ड हैं। 6 मई का दिन था। दोपहर का समय था। वह फोन पर इंस्टाग्राम चला रहे थे। इस दौरान उन्हें अचानक एक मैसेज आया कि आपका फोन सिक्योरिटी अपडेट हो रहा है। ऐसे में फोन को बंद न करें, वरना आपका डेटा लॉस्ट हो जाएगा।
2.अपडेट किया तो सारा उड़ चुका था : जब उन्होंने मैसेज देखा तो उन्हें लगा कि यह कंपनी का मैसेज है। ब्लॉगर होने की वजह से करीब साढ़े चार सौ जीबी डेटा पड़ा था। कंपनी का मैसेज होने के चक्कर में उन्होंने यह अपडेट कर लिया। लेकिन जब आधे घंटे बाद फोन उठाया तो फोन से सारा डेटा उड़ चुका था। उनका फोन रिफ्रेश हो चुका था।
3. दोबारा डॉटा भरा तो जीमेल हैक मिली : शंकर बताते है कि इसके बाद उन्होंने दोबारा फोन में अपना डेटा भरना शुरू किया। इस दौरान उनकी जीमेल भी हैक हो चुकी थी। उनके अकाउंट से 70 हजार रुपये कट चुके थे। किसी जगमन चिन नाम के व्यक्ति के खाते में यह राशि ट्रांसफर हुई थी। यह राशि उनके गूगल पे खाते से ट्रांसफर हुई थी। इसे देखकर वह हैरान रह गए।
4.अमेजन अकाउंट बीजीएमआई पिन खरीदी :अभी वह फोन देख ही रहे थे कि तभी एक और मैसेज आया। उनके अमेजन अकाउंट से 67,500 रुपये की पेमेंट दो बार कटी थी। इससे बीजीएमआई यूसी पिन खरीदे गए थे। पांच क्रेडिट कार्ड ट्रांजेक्शन डिक्लाइन हुई थीं। अगर ये डिक्लाइन न हुई होतीं तो उनका नुकसान पांच से छह लाख रुपये तक पहुंच सकता था।
शहर जोशी की शिकायत की कॉपी
5.पुलिस एक्शन करे तो पैसे रिफंड होंगे : शंकर ने बताया कि वह साइबर क्राइम और साइबर सेल में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। एसएसपी विंडो पर भी शिकायत दी है। उनके लिए परेशानी की सबसे बड़ी वजह यह है कि क्रेडिट कार्ड कंपनी वाले उनसे 1.37 लाख रुपये मांग रहे हैं।
अगर पुलिस समय पर मदद करती तो यह नुकसान बच सकता था। उन्हें इंसाफ दिलाया जाए। अभी भी अमेजन में 1.37 लाख रुपये की रकम पड़ी हुई है। अगर पुलिस ईमेल कर दे तो उनकी रकम बच सकती है। 70 हजार रुपये के लिए बैंक में शिकायत दे चुके हैं। उनका कहना है कि सिस्टम के साथ लड़ना मुश्किल हो गया है।
6. हैकर अब ओटीपी नहीं भेजते है : शंकर ने बताया कि पहले हैकर ओटीपी भेजते थे, तब पैसे निकलते थे। लेकिन इस मामले में फोन ही हैक कर लिया गया। उनका कहना है कि यदि सिस्टम अपडेट का ऐसा कोई संदिग्ध मैसेज आए तो फोन को तुरंत बंद कर देना चाहिए, नहीं तो पैसे और फोन दोनों के लिए परेशानी झेलनी पड़ सकती है। क्या कहते है पुलिस अधिकारी
चंडीगढ़ पुलिस के डीएसपी विकास श्योकंद ने कहा कि मामला उनके ध्यान में नहीं है। अगर शिकायतकर्ता को कोई कार्रवाई नहीं मिल रही है तो वह उनसे सीधे मिल सकते हैं। मामले में बनती कार्रवाई की जाएगी।
