भिवानी की रीतू इंसान अपनी स्टूडेंट्स के साथ डांस करते हुए कांवड़ ला रही हैं। बारिश के दौरान भी उनकी यात्रा जारी है। उन्होंने अपनी सिलाई मशीन को भी गंगा स्नान करवाया।
हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्तों के जत्थों के बीच हरियाणवी महिलाओं की कांवड़ खास चर्चा में है। इसकी अगुवाई फेमस फैशन डिजाइनर रितु इंसा कर रही हैं। खास बात यह है कि टोली ने सिलाई मशीन को गंगा स्नान कराया। रास्ते में जो भी इस जत्थे का स्वागत क
.
रितु इंसान के टेलरिंग इंस्टीट्यूट की ब्रांच रास्ते में आने वाले कई बड़े शहरों में हैं। ऐसे में जगह-जगह उनकी स्टूडेंट्स बड़ी संख्या में पहुंचकर कांवड़ जत्थे का स्वागत कर रही हैं। रितु के मुताबिक वीमेन पावर कुछ भी कर सकती है, बस यही संदेश देना है।
फैशन डिजाइनर रितु की कांवड़ यात्रा की 4 तस्वीरें

कांवड़ यात्रा शुरू करने के से पहले उन्होंने अपनी सिलाई मशीन को भी गंगा स्नान करवाया। उनका कहना कि सिलाई मशीन के दम पर ही वह आज इस मुकाम तक पहुंची हैं।

रितु की कांवड़ यात्रा में हरियाणवी कलाकार पूजा हुड्डा, प्रदीप बूरा, राममेहर महला, अनामिका बावा भी शामिल हुए हैं।

कांवड़ यात्रा के दौरान डांस करते हूए रितु इंसा।

महिला कांवड़ियां के गले में फीता डालते हुए रितु इंसा।
अब जानिए…कौन है रितू इंसा
- रोहतक के भैणी सुरजन में हुआ जन्म, चार भाई-बहन: रितु इंसा का जन्म रोहतक जिले के भैणी सुरजन गांव में हुआ। पिता जयकिशन एक एकड़ के किसान थे। उनकी चार बहनें और एक भाई हैं। रितु के अनुसार उनका बचपन गरीबी और अभाव में ही बीता है।
- नानी से घर देखी टेलरिंग, परिवार का हाथ बंटाया: रितु ने बताया कि छठी कक्षा में एक साल के लिए मामा के घर गई थी। यहां नानी, मामा-मौसी सभी टेलरिंग करते थे। नानी पास बैठाकर टेलरिंग सिखाती थी। 10वीं कक्षा की पढ़ाई के साथ ही पूरी तरह टेलरिंग सीख ली। 12वीं कक्षा के दौरान गांव में सूट सिलाई का काम शुरू कर परिवार का सहयोग करना शुरू कर दिया।
- 12वीं के बाद शादी, दहेज में ले गई सिलाई मशीन: रितु ने बताया, 12वीं के बाद भिवानी में शादी हुई तो दहेज में सिलाई मशीन लाई। शादी के तीसरे ही दिन एक महिला का सूट सिलाई के लिए ले लिया। धीरे-धीरे सूट सिलाई के लिए आने लगे। बड़ा करने की सोची तो परिवार ने बंदिश लगाई कि घर रहकर ही सब कुछ करना है।
- काम में कमी निकली तो डिजाइन सीखने लगी: जब वे एक टेलर से काम मांगने गई तो उसने काम में कमी निकाल दी। इसके बाद खुद को अपडेट करने के लिए डिजाइन बनाना शुरू किया और नए प्रयोग करने लगी। इसके बाद लड़कियों को घर पर ही सिखाना शुरू कर दिया। करीब 5 साल तक ऐसा ही चलता रहा। बच्चे हुए तो हाथ वाली मशीन से पैर की इंटरलॉक व पिको वाली मशीन मां ने गिफ्ट में दी।

डीजे की धुन पर थिरकते हुए रितु के गले में लटक रहे टेलरिंग फीते।
सोशल मीडिया पर फेमस होने का सफर…
- पिता के निधन से लगा झटका: रितु ने बताया कि उनके जीवन का सबसे बड़ा झटका तब लगा, जब उनके पिता का हार्टअटैक से निधन हो गया। छोटे भाई ने उसे समझाया कि अब मां के लिए आगे बढ़ना होगा। इसके बाद उसने पहले से भी ज्यादा मेहनत करने का फैसला किया और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ चलीं।
- भाई ने बनाई पहली VIDEO: उन्होंने सोशल मीडिया को भी अपने काम का माध्यम बनाया। रक्षाबंधन पर भाई से एक साधारण मोबाइल फोन गिफ्ट में लेकर उन्होंने सलाई की वीडियो बनानी शुरू की। शुरुआत में न व्यूज मले और न ही लाइक, लेकिन लगातार मेहनत के बाद उनका यूट्यूब चैनल लोकप्रिय हो गया।
- यूट्यूब से पहली कमाई 8 हजार रुपए: पहले नहीं पता था कि यूट्यूब से कमाई भी होती है। 40 हजार सब्सक्राइबर हुए तो चैनल को मोनोटाइॅज करवाया। पहली बार यूट्यूब से 8 हजार रुपए की कमाई हुई, जिसे अपनी मां और सास को सौंप दिया। वर्तमान में इंस्टाग्राम पर 44 लाख फॉलोअर्स और यू-ट्यूब पर 24 लाख सब्सक्राइबर हैं।
- 2 लाख युवतियां ले चुकीं प्रशिक्षण: रितु इंसान का अपना सलाई प्रशिक्षण संस्थान है, जहां ऑनलाइन और ऑफलाइन हजारों छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण लेती हैं। उनके अनुसार अब तक दो लाख से अधिक लोगों को सलाई का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आज वह हर महीने 30 से 40 लाख रुपए तक की कमाई होती हैं।
- अब 9 राज्यों में 45 ब्रांच: रितु इंसान अब टेलरिंग की दुनिया में चर्चित नाम बन चुका है। उनकी मुख्य ब्रांच भिवानी में है। इसके अलावा देशभर के 9 राज्यों के 45 शहरों में उनकी शाखाएं चल रहीं हैं। इनमें सिरसा, करनाल, जीरकपुर (चंडीगढ़), रेवाड़ी, अमृतसर, यमुनानगर और जयपुर जैसी मुख्य जगहें शामिल हैं।
—————————–
कांवड़ यात्रा से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…
हरियाणवी रागनी सिंगर की अनोखी कांवड़ यात्रा:90 साल की सास को बैठाकर 250 KM पैदल चल रहीं; 84 कोस की परिक्रमा कर चुकीं

सावन की कांवड़ यात्रा में इस बार हरियाणा की हरियाणवी रागनी सिंगर काजल चौधरी अपनी अनोखी सेवा भावना को लेकर चर्चा में हैं। काजल अपनी 90 वर्षीय सास चंद्री देवी को कांवड़ के एक पलड़े में बैठाकर हरिद्वार से दिल्ली तक करीब 250 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर रही हैं। (पूरी खबर पढ़ें)







