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महेंद्रगढ़ में एसडीएम योगेश सैनी ने आज अपने कार्यालय में उप-मंडल स्तरीय सतर्कता एवं मोनीटरिंग कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रशासन द्वारा गठित सतर्कता कमेटी की भूमिका और प्राप्त विभिन्न रिपोर्टों की समीक्षा करना था। एसडीएम सैनी ने बताया कि यह कमेटी अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत काम करती है। इसका गठन जिला प्रशासन द्वारा प्राप्त रिपोर्टों के पुनरावलोकन और विभिन्न अधिकारियों की भूमिका तय करने के लिए किया गया है। एसडीएम ने बताई आर्थिक सहायता की प्रक्रिया उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अधिनियम के तहत गैर-अनुसूचित जाति के व्यक्तियों द्वारा अनुसूचित जाति के व्यक्तियों पर किए गए अत्याचारों के फलस्वरूप आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह सहायता ट्यूबवेल की हानि, चल-अचल संपत्ति का नुकसान, स्थायी-अस्थायी अपंगता, बलात्कार और हत्या जैसे विभिन्न प्रकार के अत्याचारों की स्थिति में दी जाती है। एसडीएम ने जानकारी दी कि अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989, नियम 1995 व 2011 के सेक्शन 3 नियम 12 (4) और राहत राशि के मापदंड 4/2016 के अनुसार, 1 लाख से 8 लाख 25 हजार रुपए तक की राशि प्रदान की जाती है। यह राशि उन मामलों में दी जाती है जिनकी एफआईआर अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत दर्ज की गई हो। ये अधिकारी हुए शामिल उन्होंने बताया कि महेंद्रगढ़ जिले में अप्रैल 2026 से अब तक अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत अनुदान प्राप्त करने के लिए 4 पीड़ितों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस अवसर पर तहसीलदार अजय कुमार, टीडब्लूओ ममता, क्लर्क मोहित, दीपक, रामभगत और राजेश सहित कई अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
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