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भिवानी में संयुक्त किसान मोर्चा व केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर अपनी 18 सूत्री मांगों के लिए जिला मुख्यालय पर किसान, मजदूर, महिलाएं व कर्मचारियों ने जेल भरो आंदोलन के तहत गिरफ्तारी दी। इस दौरान सभी की एक साथ गिरफ्तारी नहीं होने के कारण विरोध जताते हुए लघु सचिवालय के गेट पर प्रदर्शन किया और विरोध स्वरूप लघु सचिवालय के बाहर जाम भी लगा दिया। सभी की गिरफ्तारी के बाद जाम खोला गया। इससे पहले सभी लघु सचिवालय के बाहर एकत्रित हुए। इस सभा की अध्यक्षता एटक के फूल सिंह इंदौरा, किसान सभा के रामफल देशवाल, एआईकेकेएमएस के मास्टर बस्तीराम, सीटू से सुशीला सरोहा, एआईयूटीयूसी से राजकुमार, जम्मूरी किसान सभा से सुनील, भारतीय किसान यूनियन नैन से मेवा सिंह आर्य, टिकैत से करतार गिल व इंटक से सोमबीर जांगड़ा ने संयुक्त रूप से की। मंच संचालन सीटू के कामरेड अनिल कुमार व किसान सभा से मास्टर जगरोशन ने किया। इस दौरान सभी ने प्रस्ताव पास कर अग्निशमन कर्मचारियों, सफाई कर्मचारियों व बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन किया। 18 सूत्री मांग रखी
जेल भरो आंदोलन के तहत सभा को सम्बोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष कामरेड कृष्ण प्रसाद, किसान सभा व माकपा नेता कामरेड ओम प्रकाश, इंटक से रामअवतार खोरड़ा, युवा कल्याण संगठन से कमल सिंह प्रधान व एआईकेके एम एस से रोहताश सैनी ने कहा कि यह जेल भरो आंदोलन किसान मजदूरों की 18 सूत्री मांगों के लिए किया है। जिसमें किसानों के लिए सी 2+50 प्रतिशत न्यूनतम समर्थन मूल्य, बिजली बिल 2025 रद्द करने, बीज बिल, नया मंडी कानून वापिस करने, मजदूरों के चार कोड रद्द करने, अमेरिका व यूरोपियन यूनियन के साथ हो रहे व्यापारिक समझौते रद्द करने, न्यूनतम वेतन 6000 रुपए करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, पुरानी पेंशन बहाल करने, मनरेगा पुराना कानून बहाल करने सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण रोकने व अन्य स्थानीय मांगें शामिल हैं। आंदोलन कारियों की तरफ से राष्ट्रपति को प्रेषित ज्ञापन लेने जिला उपायुक्त की तरफ से तहसीलदार पहुंचे। सभा में घोषण की गई 15 अगस्त से 21 अगस्त तक विधायकों व सांसदों को ज्ञापन दिए जाएंगे, 26 नवंबर को दिल्ली कूच करेंगे। सरकार व प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
इस दौरान आंदोलन कारने वालों ने सरकार व प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की। कर्मचारी नेताओं ने दावा किया कि प्रशासन ने 1500 से अधिक आंदोलनकारियों को गिरफ्तार किया और 20 बसों में बैठाकर पुलिस लाइन में अस्थाई जेल बनाकर वहां रखा। एक घंटा रखने के बाद डयूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार ने सभी को रिहा कर दिया। वहीं सिविल लाइन थाना प्रभारी सुमित कुमार ने कहा कि करीब 10-12 बसों में 700-800 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। जेल भरो आंदोलन से संबंधित फोटो…
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