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मानसून की बारिश के बाद सोनीपत की सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं वकील देवेंद्र गौतम ने प्रशासन और सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। दिल्ली रोड पर ट्रक यूनियन के पास सड़क पर बने गहरे गड्ढे और उखड़े हुए हिस्सों में बैठकर प्रोटेस्ट किया। देवेन्द्र गौतम ने आरोप लगाया कि जिस सड़क का निर्माण पिछले वर्ष ही हुआ हो, उसका एक साल के भीतर बारिश में क्षतिग्रस्त हो जाना निर्माण गुणवत्ता, निगरानी व्यवस्था और सरकारी धन के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने विशेष रूप से कांवड़ यात्रा मार्गों पर गड्ढों, सड़क से बाहर निकले पत्थरों और टूटे हिस्सों को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है, ताकि पैदल गुजर रहे कांवड़ियों और वाहन चालकों को परेशानी व हादसे का सामना न करना पड़े। सड़क की बदहाली की अलग-अलग तस्वीर देखिए… ट्रक यूनियन के पास 10 से 12 फीट लंबा गड्ढा देवेंद्र गौतम ने बताया कि दिल्ली रोड पर ट्रक यूनियन के पास करीब 10 से 12 फीट लंबा और लगभग 3 फीट चौड़ा गहरा गड्ढा बना हुआ है। बारिश के पानी से गड्ढा भर जाने के कारण वाहन चालकों को इसकी वास्तविक गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। उन्होंने दावा किया कि इस स्थान पर दोपहिया वाहन चालकों के गिरने और ई-रिक्शा पलटने की घटनाएं भी सामने आई हैं। ऐसे में सड़क की तत्काल मरम्मत के साथ दुर्घटना संभावित स्थान पर चेतावनी और सुरक्षा व्यवस्था करने की जरूरत है। कांवड़ियों को फूल नहीं, टूटे रास्ते मिल रहे गौतम ने कहा कि सावन के दौरान बड़ी संख्या में कांवड़िए हरिद्वार और उत्तराखंड से पैदल अपने गंतव्य की ओर लौट रहे हैं। कई जगह श्रद्धालुओं का फूलों से स्वागत किया जा रहा है, लेकिन यात्रा मार्ग पर टूटे हिस्से, गड्ढे और सड़क से निकले पत्थर उनकी परेशानी बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नंगे पैर यात्रा करने वाले कांवड़ियों के लिए सड़क पर बिखरे पत्थर और उखड़ा हुआ हिस्सा विशेष रूप से खतरनाक हो सकता है। धार्मिक आस्था का सम्मान सुरक्षित और सुगम यात्रा की व्यवस्था से भी होना चाहिए। एक साल में सड़क टूटने पर उठाए सवाल देवेंद्र गौतम ने कहा कि हर साल सड़क निर्माण के बाद बारिश आते ही कई स्थानों पर सड़कें टूटने लगती हैं। उन्होंने सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता, निर्माण कार्य की निगरानी, तकनीकी जांच और ठेकेदार की जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि यदि नई बनी सड़क इतनी जल्दी खराब हो रही है तो संबंधित विभागों को इसकी गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। सरकार से तकनीकी ऑडिट कराने की मांग गौतम ने प्रशासन से मांग की कि दिल्ली रोड समेत पिछले कुछ वर्षों में बनाई गई उन सड़कों का विशेष तकनीकी ऑडिट कराया जाए, जो बारिश के बाद क्षतिग्रस्त हुई हैं। साथ ही पिछले वर्ष बनाई गई सड़कों की सूची सार्वजनिक करने, निर्माण गुणवत्ता की जांच कराने और खामियां मिलने पर संबंधित ठेकेदार, इंजीनियर व निगरानी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की। कांवड़ मार्गों पर तत्काल मरम्मत की मांग उन्होंने प्रशासन से कांवड़ यात्रा मार्गों के गड्ढे भरने, सड़क पर निकले पत्थरों को हटाने और दुर्घटना संभावित स्थानों पर अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की। उनका कहना है कि सड़कें जनता के टैक्स के पैसे से बनती हैं, इसलिए उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार व संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।
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