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करनाल के गांव जुंडला के रहने वाले सीआरपीएफ के एक जवान की दिल्ली में ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। खास बात यह रही कि जिस दिन उनकी मौत हुई, उसी दिन उनका जन्मदिन भी था। इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही पूरे परिवार में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जवान का पार्थिव शरीर गांव लाया जाएगा, जहां उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। सब इंस्पेक्टर के पद पर थे कृष्ण कुमार
मृतक की पहचान 56 वर्षीय कृष्ण कुमार के रूप में हुई है, जो सीआरपीएफ की 27वीं बटालियन में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे। वे दिल्ली में डिप्टी सीएम के आवास पर ड्यूटी दे रहे थे। कृष्ण कुमार ने करीब 38 साल तक देश की सेवा की और अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी को छोड़ गए हैं। उनका बेटा कनाडा में रहता है, जो पिता की मौत की सूचना मिलते ही तुरंत गांव जुंडला पहुंच गया। ड्यूटी के दौरान बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में तोड़ा दम
परिजन सुभाष ने बताया कि 7 अगस्त को कृष्ण कुमार अपनी ड्यूटी पर थे। सुबह करीब 11 बजे उनका ब्लड प्रेशर अचानक लो हो गया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। मौके पर मौजूद अन्य सीआरपीएफ जवानों ने तुरंत उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया। इलाज के दौरान रात में उनकी हालत और गंभीर हो गई और आखिरकार डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी मौत हार्ट अटैक के कारण हुई। डेढ़ बजे आया कॉल
सुभाष ने बताया कि रात करीब डेढ़ बजे परिवार को फोन आया, जिसमें बताया गया कि कृष्ण कुमार की हृदय गति रुकने से मृत्यु हो गई है। यह खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। सबसे ज्यादा दर्दनाक बात यह रही कि उसी दिन उनका जन्मदिन भी था और उन्होंने अपने जीवन की अंतिम सांस भी उसी दिन ली। देशभक्ति से जुड़ा रहा पूरा परिवार
परिजनों के अनुसार, कृष्ण कुमार का जीवन पूरी तरह देश सेवा को समर्पित रहा। उन्होंने सीआरपीएफ के अलावा एनएसजी (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) में 6 साल और आरएएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) में 2 साल तक सेवाएं दी थीं। सुभाष ने बताया कि वे सात भाई हैं और कृष्ण कुमार मंझले नंबर पर थे। उनके बड़े भाई वायु सेना से रिटायर्ड हैं, जबकि उनके चाचा भी आर्मी में रह चुके हैं। मौत से सदमे में परिवार
परिवार के अनुसार, कई बार उन्हें रिटायरमेंट लेने के लिए कहा गया, लेकिन वे हमेशा यही कहते थे कि वे जीवनभर देश की सेवा करना चाहते हैं। उनकी इसी सोच और समर्पण के कारण परिवार को उन पर गर्व है, लेकिन उनकी अचानक मौत ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब पूरे गांव में शोक का माहौल है और लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए इंतजार कर रहे हैं। उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचेंगे।
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