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पानीपत पुलिस की CIA-3 टीम ने 647 ग्राम अफीम तस्करी के मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य नशा सप्लायर को बिहार के औरंगाबाद से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान समालखा की भापरा संगम कॉलोनी निवासी विशाल के रूप में हुई है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी अवैध नशा तस्करी का नेटवर्क चलाने के लिए काफी समय से बिहार में किराए का कमरा लेकर रह रहा था। CIA-3 प्रभारी सब इंस्पेक्टर सुभाष ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 1 अगस्त को पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए टीम ने समालखा से बिहौली रोड पर स्थित गढ़ी छाजू मोड़ के पास दबिश दी और बिहौली निवासी प्रमोद को काबू किया। तलाशी लेने पर प्रमोद के कब्जे से 647 ग्राम अफीम बरामद की गई थी। 8 दिन के रिमांड में खुला भेद, बिहार से पकड़ा पूछताछ के दौरान आरोपी प्रमोद ने खुलासा किया था कि उसने कम समय में अधिक पैसा कमाने के लालच में यह अफीम समालखा की भापरा संगम कॉलोनी निवासी विशाल से कम कीमत पर खरीदी थी। नशा सप्लायर के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने और उसके ठिकानों का सुराग लगाने के लिए पुलिस ने आरोपी प्रमोद को अदालत में पेश कर 8 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान प्रमोद से गहन पूछताछ की गई और उसकी निशानदेही पर पुलिस टीम ने बिहार के औरंगाबाद में दबिश देकर मुख्य आरोपी विशाल को धर दबोचा। जंगलों से अफीम इकट्ठी की, 1.20 लाख में बेची पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान आरोपी विशाल ने प्रमोद को अफीम बेचने की बात कबूल कर ली। पूछताछ में तस्करी के खेल का पूरा तरीका सामने आया कि विशाल पिछले कई महीनों से तस्करी के इस अवैध धंधे को अंजाम देने के लिए बिहार में किराए का कमरा लेकर रह रहा था। उसने बिहार के जंगलों में काम करने वाले स्थानीय लोगों से थोड़ी-थोड़ी मात्रा में अफीम खरीदकर कुल 650 ग्राम अफीम एकत्र की थी। विशाल ने यह अफीम प्रमोद को 1.20 लाख रुपए में बेची थी। उसने बताया कि प्रमोद से 1 लाख रुपए उसने काफी समय पहले एडवांस में ले लिए थे, और बाकी के 20 हजार रुपए लेकर उसे अफीम की डिलीवरी दी थी। आरोपी विशाल ने अफीम बेचकर मिली नकदी को अपने खाने-पीने और निजी खर्चों में उड़ा दिया
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