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रोहतक के गांव पहरावर में नगर निगम की गौशाला की है, जिसमें अढ़ाई हजार से तीन हजार तक गौवंश को रखने की क्षमता है। लेकिन गौशाला की देखभाल के लिए नारायणी सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट को टेंडर दिया गया है, जिसे निरस्त करने की मांग 10 पार्षदों ने की है। पार्षद प्रवीण कौशिक ने बताया कि नारायणी सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट को गौशाला में पशुओं की देखभाल का टेंडर दिया गया। ट्रस्ट अन्य एजेंसियों की तुलना में बहुत ही कम देर पर टेंडर हासिल किया, जिसके कारण गौवंश को रखने की व्यवस्थाओं में कटौती की गई। गौवंश को पर्याप्त चारा भी नहीं मिल रहा, जिससे गौवंश की स्थित दयनीय हो गई है। निगम जांच में मिली अनियमितता, फिर भी टेंडर दिया
पार्षद कपिल नागपाल ने बताया कि नगर निगम ने मामले की जांच करवाई थी, जिसमें अनियमितता मिली। इसके बाद भी दोबारा नारायणी सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट को टेंडर दिया गया, जो गलत है। ट्रस्ट ने टेंडर मात्र 36.50 रुपए प्रति गाय प्रतिदिन के हिसाब से हासिल किया, जिसमें गौवंश की देखभाल करना संभव नहीं है। गौशाला में गौवंश की नहीं हो रही उचित देखभाल
पार्षद आशालता ने बताया कि गौशाला में गौवंश के लिए चारे के साथ दवाई, देखभाल व अन्य चीजों की जरूरत होती है। मात्र साढे 36 रुपए में सारे काम संभव नहीं है। इससे गौवंश की बेकद्री होगी। ऐसे में किसी सक्षम एजेंसी को गौशाला की जिम्मेदारी देनी चाहिए, ताकि गौवंश की उचित देखभाल हो सके। ट्रस्ट का टेंडर तुरंत किया जाए निरस्त
पार्षदों ने निगम कमिश्नर को लिखित में शिकायत देते हुए कहा कि नारायणी सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट का टेंडर तुरंत निरस्त किया जाए। क्योंकि गौशाला में गौवंश की उचित देखभाल नहीं हो रही। निगम कमिश्नर ने आश्वासन दिया कि इस मामले में जांच करवाई जाएगी, जिसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
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