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पानीपत में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने बुधवार को मतलौडा तहसील में 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते एक पटवारी और उसके निजी सहायक (हेल्पर) को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह पूरा मामला 160 वर्गगज के एक मकान की निशानदेही कराने से जुड़ा हुआ था। पीड़ित लंबे समय से तहसील के चक्कर काट रहा था, लेकिन आरोपी पटवारी रिश्वत की राशि न मिलने तक काम लटकाए हुए था। पीड़ित की शिकायत पर ACB ने ट्रैप लगाकर दोनों आोरपियों को धर दबोचा। 110 गज पर था कब्जा, निशानदेही के लिए भटका रहे थे आरोपी जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता का मतलौडा क्षेत्र में 160 वर्गगज का एक मकान है। इस मकान के करीब 110 वर्गगज हिस्से पर दूसरी पार्टी का कब्जा था। पीड़ित अपनी जमीन का वास्तविक हक और सीमा तय कराने के लिए मलिकियत की निशानदेही करवाना चाहता था। आरोप है कि संबंधित पटवारी संदीप और उसका सहायक जयभगवान निशानदेही करने की एवज में लगातार 15,000 रुपए की मांग कर रहे थे। रिश्वत न देने पर आरोपी अधिकारी पिछले काफी समय से काम को लटका रहे थे। हर तरफ से परेशान होकर पीड़ित ने अंततः एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की शरण ली और लिखित शिकायत दर्ज कराई। ACB ने दर्ज किया केस, ट्रैप लगाकर तहसील में दबोचे आरोपी शिकायत मिलने के बाद ACB की टीम ने मामले की प्राथमिक जांच की और आरोप सही पाए जाने पर केस दर्ज किया। बुधवार दोपहर बाद योजनाबद्ध तरीके से शिकायतकर्ता को पाउडर लगे नोट देकर मतलौडा तहसील भेजा गया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने पटवारी संदीप और उसके सहायक जयभगवान को 15 हजार रुपए की रिश्वत सौंपी, सादे कपड़ों में पहले से मुस्तैद ACB की टीम ने तुरंत दबिश देकर दोनों को रंगे हाथ काबू कर लिया। मौका-ए-वारदात से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली गई। तहसील में मचा हड़कंप, आगामी कार्रवाई जारी ACB द्वारा तहसील परिसर में ही पटवारी संदीप और उसके सहायक जयभगवान को रंगे हाथ गिरफ्तार किए जाने की घटना से अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया। ACB अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
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