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औद्योगिक नगरी पानीपत की एकता कॉलोनी में शुक्रवार सुबह एक हादसा सामने आया, जहां छत पर गीले कपड़े सुखाने गया एक 16 वर्षीय किशोर हाईवोल्टेज बिजली की तारों की चपेट में आ गया। करंट का जोरदार झटका लगते ही किशोर बुरी तरह झुलस गया और चीख मारकर छत पर ही गिर पड़ा। आनन-फानन में उसे उपचार के लिए पानीपत के सिविल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे रोहतक PGI रेफर कर दिया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। दो दिन पहले ही मजदूरी के सिलसिले में आए थे पानीपत झुलसे किशोर के बड़े भाई सुशील (19 वर्ष) ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि वह और उसका 16 वर्षीय छोटा भाई अर्जुन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के एक गांव के रहने वाले हैं। दोनों भाई अपने परिवार का पेट पालने और मजदूरी करने के सिलसिले में महज दो दिन पहले ही उत्तर प्रदेश से पानीपत आए थे। पानीपत पहुंचने के बाद दोनों भाइयों को शहर की एक निजी कंपनी में काम मिल गया था और उन्होंने रहने के लिए एकता कॉलोनी में एक किराए का कमरा लिया था। उन्हें क्या पता था कि जिस शहर में वे अपने सुनहरे भविष्य और परिवार की आर्थिक मदद के सपने लेकर आए हैं, वहां पहुंचते ही इतना बड़ा हादसा उनका इंतजार कर रहा होगा। रात की ड्यूटी के बाद घर लौटा था अर्जुन; गीली कमीज से टकराई तार सुशील के अनुसार, शुक्रवार को अर्जुन अपनी नाइट शिफ्ट (रात की ड्यूटी) खत्म करके सुबह कमरे पर लौटा था। थककर आने के बाद उसने सुबह करीब 11:00 बजे अपने कपड़े धोए और उन्हें सुखाने के लिए मकान की छत पर चला गया। छत पर लोहे/प्लास्टिक की रस्सी पर जैसे ही अर्जुन ने अपनी गीली कमीज सुखाने के लिए फैलाई, उसी दौरान हवा या असावधानी के कारण गीली कमीज पास से ही गुजर रही हाईवोल्टेज बिजली की नंगी तारों से जा टकराई। कमीज के गीले होने के कारण उसमें तुरंत हाईवोल्टेज करंट दौड़ गया और अर्जुन उसकी चपेट में आ गया। चीख सुनकर दौड़े किराएदार, भाई को दी सूचना करंट का तीव्र झटका लगते ही अर्जुन की दर्दनाक चीख निकल गई और वह झुलसकर बेसुध होकर छत पर गिर पड़ा। उसकी चीख-पुकार सुनकर मकान में रहने वाले अन्य किराएदार और आसपास के लोग तुरंत दौड़कर छत पर पहुंचे। घटना को देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई। किराएदारों ने तुरंत इसकी सूचना अर्जुन के बड़े भाई सुशील को दी, जो उस समय कंपनी में अपनी ड्यूटी पर था। छोटे भाई के साथ हादसे की खबर मिलते ही सुशील के पैरों तले जमीन खिसक गई और वह बदहवास हालत में तुरंत कमरे पर पहुंचा और उसे अस्पताल ले गया।
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