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चंडीगढ़ पुलिस पर हमला करने वाले अब भी फरार:42 महीने बीते, सूचना देने वाले को 10 हजार, फिर बंदी सिखों के मुद्दे पर FIR




चंडीगढ़ सेक्टर-52/53 डिवाइडिंग रोड पर 7 फरवरी 2023 को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर हमला करने वाले प्रदर्शनकारियों को चंडीगढ़ पुलिस 42 महीने बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है। घटना के अगले दिन सेक्टर-36 थाना में 30 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अगले दिन एफआईआर नंबर 63/2023 दर्ज की गई थी। पुलिस ने आरोपियों की पहचान के लिए उनकी तस्वीरें जारी कर आम लोगों से मदद मांगी। सूचना देने वाले को 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा भी की गई है और उसकी पहचान गोपनीय रखने का भरोसा दिया गया है। 42 महीने बाद भी गिरफ्तारी नहीं घटना को 42 महीने बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस पर हमला करने वाले कई प्रदर्शनकारी आज भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। मामले में पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था, लेकिन हमले में शामिल कुछ आरोपी अब तक फरार हैं। पुलिस के पास फरार आरोपियों की तस्वीरें और अन्य सबूत भी मौजूद हैं। उनकी पहचान के लिए तस्वीरें सार्वजनिक की गईं और गिरफ्तारी में मदद करने वाले को 10 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा भी की गई। इसके बावजूद अब तक इन आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिल सका है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है और तकनीकी माध्यमों से भी उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। हालांकि, इतने लंबे समय बाद भी सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। बंदी सिखों की रिहाई को लेकर प्रदर्शन यह प्रदर्शन बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर किया गया था। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग मोहाली के वाईपीएस चौक पर जुटे थे। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की व हमला भी हुआ। इसके बाद पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस घटना के बाद से वाईपीएस चौक को संवेदनशील स्थान मानते हुए वहां सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक कड़ी कर दी गई। चौक पर पुलिस की नियमित तैनाती की गई और आने-जाने वाले वाहनों व लोगों पर नजर रखी जाने लगी। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए समय-समय पर अतिरिक्त पुलिस बल भी लगाया जाता है। आज भी वाईपीएस चौक पर निहंग जत्थेबंदियों का स्थायी टेंट लगा हुआ है। बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर उनका धरना लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी समय-समय पर अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराते रहते हैं, जबकि पुलिस और प्रशासन पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए हुए हैं। अब फिर बंदी सिखों के मुद्दे पर नई FIR इसी मुद्दे को लेकर बीते बुधवार को सांसद अमृतपाल सिंह की रिहाई की मांग को लेकर वारिस पंजाब दे के समर्थकों ने चंडीगढ़ में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कर्मियों से मारपीट की, धक्का-मुक्की की और हथियार छीनने का प्रयास किया। इस घटना में वॉटर कैनन चलाने वाले पुलिस कर्मचारी समेत चार पुलिसकर्मियों के हाथ फ्रैक्चर हो गए। एसएसपी कंवरदीप कौर सहित 24 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए। इस मामले में सेक्टर-49 थाना पुलिस ने पुलिसकर्मी भूपिंदर सिंह की शिकायत पर विधायक मनप्रीत सिंह समेत 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एफआईआर में सतिंदरजीत सिंह गिल, काबल सिंह भुल्लर, जगदीप सिंह कंसाला, इकबाल सिंह संधू, परमजीत सिंह जोहल, दिवंगत पूर्व विधायक अजायब सिंह मखमैलपुर, चमकौर दूहन, इमान खारा, जसविंदर दरोली, इकबाल मुंडा, करनैल पंजौली, लक्खा सिधाना, भाना सिद्ध और लखबीर सिंह लखा के नाम शामिल हैं। पुलिस ने बुधवार रात 12:27 बजे एफआईआर दर्ज की।



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