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देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का आज (शुक्रवार को) फाइनल हाई-स्पीड ट्रायल किया जा रहा है। इसे दो डीजल इंजनों के साथ जोड़कर जींद से दिल्ली के लिए रवाना किया गया। दिल्ली पहुंचने के बाद, ट्रेन का दिल्ली-सोनीपत रेलखंड पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से परीक्षण होगा। इस ट्रायल के दौरान ट्रेन की तकनीकी क्षमता और सुरक्षा मानकों की विस्तार से जांच की जाएगी। हाई-स्पीड परीक्षण के लिए बाहर से हाइड्रोजन गैस का एक विशेष टैंकर मंगवाया गया है, ताकि ट्रेन को पर्याप्त ईंधन मिल सके। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह परीक्षण हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण चरण है। इसके सफल रहने पर देश में स्वच्छ ऊर्जा आधारित रेल संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। पहले भी किया जा चुका स्पीड का ट्रायल इससे पहले, हाइड्रोजन ट्रेन का 75 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से सफल स्पीड ट्रायल किया जा चुका है। अब अंतिम चरण में 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर ट्रेन के प्रदर्शन का परीक्षण किया जाएगा। इसमें ब्रेकिंग सिस्टम, इंजन की क्षमता, ट्रैक पर स्थिरता, कंपन स्तर, सुरक्षा उपकरणों की कार्यक्षमता और विभिन्न तकनीकी मानकों का गहन मूल्यांकन शामिल है। उल्लेखनीय है कि 24 जून को रेलवे डिजाइन एवं मानक संगठन (RDSO) की टीम ने जींद रेलवे स्टेशन का दौरा किया था। टीम ने हाइड्रोजन ट्रेन में चल रहे वायरिंग, प्लेटिंग और अन्य तकनीकी कार्यों का निरीक्षण कर अंतिम तैयारियों की समीक्षा की थी, जिसके बाद फाइनल स्पीड ट्रायल की प्रक्रिया तय की गई। परीक्षण के बाद तय होगा संचालन का रूट रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस परीक्षण की सफलता से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन का मार्ग और अधिक स्पष्ट हो जाएगा। हाइड्रोजन ईंधन पर आधारित यह ट्रेन पारंपरिक डीजल ट्रेनों की तुलना में पर्यावरण के लिए अधिक अनुकूल है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और भारतीय रेलवे को हरित एवं आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में नई पहचान मिलेगी। फिलहाल, रेलवे और तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में पूरे ट्रायल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परीक्षण के प्रत्येक चरण का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा और सभी तकनीकी रिपोर्टों के आधार पर आगे की प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी।
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देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का फाइनल ट्रायल:जींद से दिल्ली के लिए हुई रवाना, 120 किमी प्रति घंटा रफ्तार पर होगी जांच







