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फाइनेंस कंपनी पर महिला से मारपीट का आरोप:अबोहर में किश्त बकाया होने पर घर में घुसकर पीटा, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती




फाजिल्का के अबोहर के अजीत नगर क्षेत्र से कर्ज वसूली के नाम पर मर्यादाएं लांघने का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक निजी स्मॉल फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों पर लोन की बकाया किश्त वसूलने के दौरान एक महिला के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट करने का संगीन आरोप लगा है। घायल महिला को इलाज के लिए स्थानीय सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में उपचाराधीन पीड़ित महिला नरिंद्र कौर (पत्नी सुखदेव सिंह) ने बताया कि उन्होंने कुछ समय पहले अपनी घरेलू जरूरतों के लिए एक निजी स्मॉल फाइनेंस कंपनी से ऋण (लोन) लिया था। वह नियमित रूप से किश्तें चुका रही थीं, लेकिन हाल ही में आई कुछ गंभीर आर्थिक परेशानियों के चलते उनकी एक किश्त समय पर जमा नहीं हो पाई थी। घर में अकेला देख किया हमला नरिंद्र कौर के अनुसार, मंगलवार को जब वह अपने घर पर बिल्कुल अकेली थीं, तभी फाइनेंस कंपनी के कुछ रिकवरी कर्मचारी उनके घर आ धमके। महिला का आरोप है कि कर्मचारियों ने घर में दाखिल होते ही उनके साथ गाली-गलौज और बेहद अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया। जब नरिंद्र कौर ने उनकी इस बदतमीजी का विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। पति के आने पर भागे आरोपी घर के भीतर से आ रही चीख-पुकार और शोर-शराबा सुनकर आसपास के पड़ोसी मौके पर इकट्ठा होने लगे। इसी बीच महिला के पति सुखदेव सिंह भी घर पहुंच गए। लोगों की बढ़ती भीड़ और पति को आता देख आरोपी कर्मचारी मौके से रफूचक्कर हो गए। परिजनों ने बिना समय गंवाए खूनखराबे और चोटों से कराह रही नरिंद्र कौर को तुरंत अबोहर के सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। ऑपरेशन के चलते मांगा था समय: सास वारदात को लेकर महिला की सास जीत कौर का गुस्सा भी फूट पड़ा। उन्होंने बताया कि उनकी बहू नरिंद्र कौर के हाथ का कुछ समय पहले ही एक बड़ा ऑपरेशन हुआ था। इसी चिकित्सीय खर्च और लाचारी के कारण परिवार ने कंपनी के कर्मचारियों से किश्त जमा करने के लिए कुछ दिनों की मोहलत (समय) मांगी थी। जीत कौर का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने उनकी मजबूरी को समझने के बजाय गुंडागर्दी का रास्ता चुना और घर में घुसकर बहू को प्रताड़ित किया। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पीड़ित परिवार का साफ कहना है कि किसी भी लोन की किश्त बकाया होने का मतलब यह कतई नहीं है कि कोई भी एरा-गेरा उनके घर में घुसकर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार या मारपीट करे। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन और उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाते हुए इस मामले की निष्पक्ष व गहनता से जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी धाराएं लगाकर उन्हें जेल भेजने की मांग की है। फिलहाल, पीड़ित पक्ष द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस की आगामी कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।



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