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बिहार आ रहीं 3 महिला IAS को जानिए:पति से पढ़कर कल्पना बनीं अफसर, फरखंदा ने रचा इतिहास, कुमुद ने स्कूल में शुरू की थी तैयारी




बिहार को 2025 बैच के 11 युवा IAS अफसर मिलने जा रहे हैं। इनमें से 3 महिलाएं (कुमुद मिश्रा, कल्पना रावत और फरखंदा कुरैशी) शामिल हैं। कुमुद मिश्रा बिहार के रोहतास की रहने वाली हैं। वहीं, कल्पना रावत दिल्ली (मूल रूप से हरियाणा) और फरखंदा कुरैशी मध्य प्रदेश की हैं। कुमुद को दूसरे प्रयास में UPSC 2024 में ऑल इंडिया 69 रैंक मिला। कल्पना रावत को तीसरे प्रयास में 76वां और फरखंदा को चौथे प्रयास में 67वां रैंक मिला। इन महिला IAS अधिकारियों के बारे जानें…। 1- आईएएस कुमुद मिश्रा, स्कूल के दिनों में शुरू की तैयारी कुमुद मिश्रा ने लखनऊ यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान में ग्रेजुएशन किया है। उन्हें दूसरे प्रयास में सफलता मिली थी। पहले प्रयास में 259वां रैंक लाकर भारतीय राजस्व सेवा के लिए चुनी गईं। कुमुद ने नौकरी ज्वाइन की, लेकिन छुट्टी लेकर दोबारा तैयारी शुरू कर दी और 69TH रैंक लाकर IAS बनीं। कुमुद के पिता बीएस मिश्रा भारतीय सेना में कैप्टन पद से रिटायर हुए हैं। मां इंदु देवी गृहिणी हैं। कुमुद ने अपनी स्कूली शिक्षा क्लास 10 तक हिमाचल प्रदेश के केंद्रीय विद्यालय से पूरी की। 12वीं तक पढ़ाई लखनऊ के केंद्रीय विद्यालय से की। IAS अफसर बनने को लेकर कुमुद ने कहा, ‘मेरी सफलता का मंत्र सीधा-साधा था। लक्ष्य, निरंतरता, समर्पण और मॉक टेस्ट सीरीज पूरा करना। इन चार स्तंभों ने मुझे एकाग्र बनाए रखा।’ ठंड के कारण इंटरव्यू से पहले नर्वस हो गई थीं कुमुद कुमुद ने स्कूल में पढ़ने के दौरान सुना था कि UPSC की परीक्षा सबसे कठिन है। इसके बाद उन्होंने इसे चुनौती के रूप में लिया और तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने बताया, ‘मेरा इंटरव्यू जनवरी के महीने में था। मुझे बहुत ठंड लग रही थी। घबराहट भी हो रही थी कि पता नहीं इस बार कैसा इंटरव्यू होगा, लेकिन इंटरव्यू काफी अच्छा रहा। सवाल बहुत रैंडम थे। मैंने इसकी उम्मीद नहीं की थी।’ उन्होंने कहा, ‘कुछ सवाल क्रिप्टो करेंसी पर थे, स्पेस से जुड़े सवाल भी थे। कैपिटल गेन पर भी सवाल था। मुझे नहीं लगा था कि ऐसे सवाल पूछे जाएंगे। मैंने कई सवालों के जवाब दिए। रूम से बाहर निकली तो मुझे लगा कि हां इस बार हो जाएगा।’ 2- कल्पना रावत, पति की बात सुनी तो मिली सफलता कल्पना रावत मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत की हैं। इन्होंने पढ़ाई-लिखाई दिल्ली एनसीआर में की। पिता किशन कुमार रावत ठेकेदार और भाई सुमित सिंह दिल्ली हाईकोर्ट में वकील हैं। कल्पना के पति सूर्य प्रताप सिंह 2021 में IAS चुने गए थे। वह यूपी के बरेली के हैं। 2024 में सूर्य प्रताप सिंह और कल्पना की शादी हुई थी। तब सूर्य प्रताप रोहतास में एसडीएम के पद पर तैनात थे। अभी समस्तीपुर जिले में डिप्टी डेवलपमेंट कमिश्नर हैं। कल्पना ने अपने पति के मार्गदर्शन में आईएएस की तैयारी की। शादी के बाद तैयारी में कोई ढील नहीं दी। सोशल मीडिया से दूरी बनाकर केवल पढ़ाई पर फोकस किया। यूट्यूब और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म से स्टडी मटेरियल लिया और कोचिंग के बिना ही UPSC की तैयारी की। 2024 में परीक्षा दी। मार्च 2025 में इंटरव्यू हुआ। 76वां रैंक मिला। दिन भर ड्यूटी के बाद घर आकर कल्पना को पढ़ाते थे सूर्य प्रताप सिंह मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सूर्य प्रताप सिंह दिन भर ड्यूटी करने के बाद घर आकर कल्पना को पढ़ाते थे। उन्होंने कल्पना को उत्तर लिखने की तकनीक सिखाई। कल्पना अपनी सफलता का श्रेय पति को देती हैं। एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने इसके बारे में बात की थी। कल्पना ने कहा, ‘यह अलग सी खुशी है कि मैं खुद IAS बनी। पहले मेरी पहचान IAS अधिकारी की पत्नी के रूप में थी। अब लोग मुझे IAS अधिकारी के रूप में जानते हैं। फर्क तो होता है। मुझे बहुत गर्व है कि मेरे पति IAS हैं। मुझे इस बात से काफी सम्मान भी मिला है, लेकिन खुद की एक पहचान होना मेरे ख्याल से महिलाओं के लिए काफी जरूरी है।’ ‘UPSC की परीक्षा के लिए मुझे लगता है कि गाइडेंस बहुत जरूरी है। मेरे पति IAS अफसर हैं। उन्होंने मुझे बहुत अच्छे से गाइड किया। पहले मैंनहीं सुनती थी (उनकी बात), लेकिन जब से सुनना शुरू किया, तब से मेरा अच्छा-अच्छा हुआ है।’ ‘उन्होंने जैसे-जैसे बताया, मैंने फॉलो किया। उन्होंने बताया कि ज्यादा से ज्यादा उत्तर लिखने की प्रैक्टिस करनी है। डायग्राम बनाना है। पॉइंट्स में लिखना है। उन्होंने मुझे अभ्यास कराया।’ 3- फरखंदा कुरैशी, बालाघाट की पहली मुस्लिम महिला IAS 2025 बैच की आईएएस अधिकारी फरखंदा कुरैशी मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले की हैं। इस जिले की पहली महिला मुस्लिम आईएएस अफसर बनकर उन्होंने इतिहास रचा है। फरखंदा ने UPSC परीक्षा में 67वीं रैंक हासिल की थी। उन्होंने भूगर्भ शास्त्र में ग्रेजुएशन करने के बाद 2019 से UPSC की तैयारी शुरू की। कोविड से पहले दिल्ली में 6 महीने की कोचिंग की। महामारी के दौरान वह घर लौट आईं और ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखा। फरखंदा रोज 8 घंटे पढ़ती थीं। तीसरे प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंचीं। चौथे प्रयास में सफलता मिली। उनके पिता अब्दुल मलिक कुरैशी वकील हैं। मां का नाम निकहत अंजुम कुरैशी है। फरखंदा को आईएएस अफसर बनने की प्रेरणा तत्कालीन कलेक्टर बी. चंद्रशेखर से मिली थी। फरखंदा ने 10वीं की सीबीएसई की परीक्षा में सीजीपीए ग्रेड हासिल की थी। 12वीं में उन्हें 92% नंबर मिले थे।



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