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करनाल में दो दोस्तों की संदिग्ध मौत का मामला:एक हफ्ते बाद भी नहीं खुला राज, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका,डीएसपी कार्यालय पहुंचे परिवार




करनाल के असंध क्षेत्र में एक सप्ताह पहले दो दोस्तों की संदिग्ध हालात में हुई मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। परिजन अब तक इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि दोनों युवकों की मौत कैसे हुई। हादसा था या फिर कोई साजिश, इस पर स्थिति साफ नहीं हो पाई है। इसी को लेकर सोमवार को दोनों परिवार ग्रामीणों के साथ डीएसपी असंध कार्यालय पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। क्या था पूरा मामला
पुलिस के अनुसार 26-27 अप्रैल की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे गांव बाहरी के पास असंध-जींद रोड पर यह घटना हुई थी। बाइक पर सवार दो दोस्त शुभम और मनीष किसी परिचित से मिलने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में दोनों की मौत हो गई। मृतकों में गांव दुपेटी निवासी 17 वर्षीय शुभम पुत्र कृष्ण और गांव फफड़ाना निवासी 19 वर्षीय मनीष पुत्र ईश्वर शामिल हैं। परिवार को नहीं पता चला कब निकला घर से
शुभम के पिता कृष्ण ने बताया था कि वह रात करीब 10 बजे बेटे को नीचे कमरे में छोड़कर ऊपर सोने चले गए थे। उन्हें यह पता ही नहीं चला कि बेटा कब घर से बाहर चला गया। बाद में हादसे की सूचना मिलने पर वह मोर्चरी पहुंचे। उन्होंने बताया कि शुभम उनका छोटा बेटा था और हाल ही में उसने 12वीं की परीक्षा दी थी। पोस्टमॉर्टम के बाद शव सौंपे, जांच जारी
घटना के बाद पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा था। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए थे और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। हालांकि एक सप्ताह बीतने के बाद भी मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। परिजनों का आरोप- पुलिस नहीं दे रही सही जवाब
4 मई को दोनों परिवारों के सदस्य ग्रामीणों के साथ डीएसपी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने डीएसपी गोरखपाल राणा से मुलाकात कर अपनी बात रखी। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रही और उन्हें सही ढंग से जवाब तक नहीं दिया जा रहा। इसी कारण उन्हें मजबूर होकर डीएसपी के पास आना पड़ा। हत्या की आशंका जता रहे ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि दोनों युवकों की मौत किसी गहरी साजिश के तहत हुई है। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाए और इसे सीआईए असंध को सौंपा जाए। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि जब तक मामले की स्पष्ट रिपोर्ट सामने नहीं आती, वे डीएसपी कार्यालय में ही डटे रहेंगे। डीएसपी ने दिया भरोसा, जांच अधिकारी बदला
डीएसपी गोरखपाल राणा ने ग्रामीणों के बीच बैठकर पूरे मामले को ध्यान से सुना और उन्हें भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अधिकारी को भी बदल दिया गया है। सीसीटीवी और कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस
डीएसपी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पहले इस घटना को एक्सीडेंट माना जा रहा था, लेकिन अब परिजनों द्वारा साजिश की आशंका जताई जा रही है। इसी आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इलाके के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जिन लोगों ने दोनों युवकों से आखिरी बार फोन पर बात की थी, उनकी कॉल डिटेल भी निकाली जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस के अनुसार अभी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पेंडिंग है, जबकि सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) मिल चुकी है और उसकी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी।



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