सोनीपत के शहजादपुर गांव के सरपंच पद से हटाए गए दीपक शर्मा मामले में नया प्रशासनिक मोड़ आ गया है। रोहतक मंडल के कमिश्नर द्वारा 21 मई 2026 को हटाने के आदेश के इम्प्लीमेंटशन पर रोक लगाए जाने के बाद अब सोनीपत डीसी नेहा सिंह ने विस्तृत स्पष्टीकरण आदेश जारी किया है। डीसी ने स्पष्ट किया है कि कमिश्नर का स्टे केवल 19 मार्च 2026 के हटाने के आदेश और उससे जुड़े परिणामों पर लागू होगा, जबकि 3 जुलाई 2025 को जारी निलंबन आदेश पहले की तरह प्रभावी रहेगा। ऐसे में दीपक शर्मा को फिलहाल हटाया गया सरपंच नहीं माना जाएगा, लेकिन निलंबन जारी रहने के कारण वे सरपंच के अधिकारों का प्रयोग भी नहीं कर सकेंगे। प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि जांच रिपोर्ट, गबन की राशि की वसूली, नुकसान आकलन और अन्य कानूनी कार्रवाई से जुड़े तथ्य रिकॉर्ड पर यथावत बने रहेंगे। सोलर लाइट मरम्मत के नाम पर 4.63 लाख रुपये निकालने का आरोप डीसी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि शहजादपुर ग्राम पंचायत के तत्कालीन सरपंच दीपक शर्मा के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि 92 सोलर स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत के नाम पर पंचायत खाते से 4 लाख 63 हजार 680 रुपये की राशि अनधिकृत रूप से निकाली गई। इसी मामले को आधार बनाते हुए 3 जुलाई 2025 को उन्हें निलंबित किया गया था। हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई नियमित जांच निलंबन आदेश को चुनौती देते हुए दीपक शर्मा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचे थे। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद मामले की नियमित जांच कराई गई। ADC एवं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। जांच अधिकारी ने सभी पक्षों को सुनने के बाद 9 फरवरी 2026 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके बाद भी दीपक शर्मा को कई बार व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया गया। 19 मार्च को सरपंच पद से हटाया गया था जांच रिपोर्ट और जवाब पर विचार करने के बाद तत्कालीन उपायुक्त ने 19 मार्च 2026 को हरियाणा पंचायती राज अधिनियम की धारा 51(3)(e) के तहत दीपक शर्मा को सरपंच पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया था। साथ ही गबन की राशि की वसूली, नुकसान आकलन, एफआईआर दर्ज कराने और पंचायत के कार्य संचालन की वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए थे। कमिश्नर ने हटाने के आदेश के इम्प्लीमेंटशन पर लगाई थी रोक हटाने के आदेश के खिलाफ दीपक शर्मा ने रोहतक मंडल के कमिश्नर के समक्ष अपील दायर की थी। अपील संख्या 480/2026 पर सुनवाई करते हुए कमिश्नर ने 21 मई 2026 को आदेश दिया था कि न्यायहित में 19 मार्च 2026 के आदेश के क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक रोक लगाई जाती है। इसके बाद आदेश की व्याख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। डीसी का स्पष्टीकरण: स्टे केवल हटाने के आदेश तक सीमित डीसी नेहा सिंह ने अपने नए आदेश में स्पष्ट किया है कि कमिश्नर का स्टे केवल हटाने के आदेश और उससे संबंधित निर्देशों तक सीमित है। निलंबन आदेश अपील का विषय नहीं था और न ही कमिश्नर ने उसे निरस्त या स्थगित किया है। इसलिए 3 जुलाई 2025 का निलंबन आदेश पूरी तरह प्रभावी रहेगा। सरपंच नहीं रहे,अधिकार भी नहीं मिलेंगे आदेश में कहा गया है कि स्टे की अवधि के दौरान दीपक शर्मा को हटाया गया सरपंच नहीं माना जाएगा, लेकिन निलंबन जारी रहने के कारण वे ग्राम पंचायत शाहजादपुर के सरपंच के रूप में कोई अधिकार नहीं निभा सकेंगे और न ही पंचायत का कार्यभार संभाल पाएंगे। यह स्थिति आगे के आदेश तक जारी रहेगी। जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक व्यवस्था रहेगी प्रभावी उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त उपायुक्त द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट पर कमिश्नर के स्टे का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। रिपोर्ट में दर्ज निष्कर्ष आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई के लिए वैध रिकॉर्ड माने जाएंगे। वहीं बीडीपीओ सोनीपत को पंचायत के कार्यों के संचालन की वैकल्पिक व्यवस्था जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अगले आदेश तक लागू रहेगा स्पष्टीकरण डीसी कार्यालय द्वारा जारी यह स्पष्टीकरण आदेश तब तक प्रभावी रहेगा, जब तक रोहतक मंडल के कमिश्नर में कोई नया आदेश जारी नहीं करते या फिर उपायुक्त कार्यालय द्वारा कोई अन्य आदेश पारित नहीं किया जाता। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को आदेश की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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