हरियाणा के करनाल में SIR की ड्यूटी पर तैनात गवर्नमेंट टीचर लापता हो गया। उन्होंने लापता होने से पहले साथी टीचर को एक नोट भी भेजा। नोट में उन्होंने घरौड़ा SDM और तहसीलदार और सुपरवाइजर पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। टीचर की पहचान हिदी टीचर प्रदीप कुमार के रूप में हुई है। सामने आए नोट में लिखा- इन अधिकारियों ने मेरी कोई समस्या नहीं सुनी। तीनों ने घेरकर धमकाना शुरू कर दिया। SDM साहब ने कहा, तुझे नौकरी करनी सिखा दूंगा। उम्र के दबाव में ये दबाव सहन नहीं कर सकता, अब मैं आत्महत्या कर रहा हूं। मुझे इस हालत में पहुंचाने वाले घरौंड़ा के SDM व तहसीलदार और सुपरवाइजर जितेंद्र है। करनाल पुलिस को सेक्टर- 9 के पास टीचर की गाड़ी भी खड़ी मिली है। गाड़ी से 2 मोबाइल फोन भी मिले हैं। घर के पास से ही मिली गाड़ी लापता प्रदीप कुमार शर्मा कोहंड गांव के सरकारी स्कूल में पीजीटी है। प्रदीप कुमार करनाल के सेक्टर-9 में कॉन्वेंट स्कूल के पास ही रहते हैं। प्रदीप कुमार की ड्यूटी एसआईआर में लगी हुई है। सेक्टर-9 चौकी प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि प्रदीप कोहंड से अपनी गाड़ी लेकर निकले थे। उनके घर के पास ही उनकी गाड़ी खड़ी मिली है। पुलिस ने गाड़ी को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अब पढ़िए, सुसाइड नोट में क्या लिखा… सेक्टर-9 चौकी पुलिस के अनुसार, प्रदीप ने लापता होने से पहले एक टीचर को वॉट्सअप पर एक सुसाइड नोट भेजा था। इसमें ड्यूटी के दबाव का जिक्र करते हुए कुछ अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि दैनिक भास्कर इस नोट की पुष्टि नहीं करता है। प्रदीप ने सुसाइड नोट में लिखा, मैं प्रदीप कुमार पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोहंड में हिंदी अध्यापक के पद पर कार्यरत हूं। इसके साथ-साथ ही मैं गांव कोहेड में बूथ नंबर 221 पर बीएलओ का काम भी कर रहा हूँ। 15 जून से SIR का काम चल रहा है। नोट में आगे लिखा- SIR के चलते मुझे सुपरवाईजर का फोन आया था कि करनाल में DC साहब की कल्पना चावला ओडीटोरियम में मिटिंग है। जिस में भाग लेने के लिए मैं करनाल गया था। DC साहब की मीटिंग के बाद SDM साहब घरौंडा, तहसीलदार साहब घरौंडा और सुपरवाईजर श्री जितेन्द्र सिंह ने मुझे फोन करके बुलाया। उन्होंने मेरी कोई समस्या नहीं सुनी गई, बल्कि तीनों अधिकारियों ने मुझे घेर कर धमकाना शुरू दिया। SDM साहब ने मुझे कहा कि मैं तुझे चार्जशीट कर दूंगा। तुझे नौकरी करनी सिखा दूंगा। सारी जिंदगी स्पष्टीकरण देते घूमता रहेगा। इतनी आसानी से निकल नहीं पाएगा। मैं इस समय 55 वर्ष हो चुका हूं और उम्र के पड़ाव पर मैं ऐसा मानसिक दबाव सहन नहीं कर सकता है। इस मानसिक दबाव के चलते मैं कल रात सो भी नहीं सका। ऐसे मानसिक दबाव के चलते मैं आत्महत्या कर रहा हूं। मुझे उस अवस्था में पहुंचने वाले श्री एसडीएम साहब, श्री तहसीलदार साहब घरौंडा और सुपरवाईजर श्री जितेन्द्र सिंह कंप्यूटर प्रध्यापक है। दरबार में मत्था टेकने के लिए पहुंचे थे प्रदीप के भतीजे गौरव शर्मा का कहना है कि प्रदीप कुमार अक्सर दयाल सिंह कालोनी के भृगु एवं कपाली दरबार में मत्था टेकने के लिए जाते थे। आज करीब पौने 12 बजे वे दरबार में मत्था टेकने के लिए गए थे, लेकिन उसके बाद उनकी गाड़ी सेक्टर-9 में कॉन्वेंट स्कूल के पास खड़ी मिली। SHO बोले- सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस घरौंडा SHO दीपक कुमार का कहना है कि प्रदीप के मिलने के बाद ही पूरे मामले की कहानी सामने आ पाएगी। फिलहाल उसकी तलाश जारी है। मामले की जानकारी मिलते ही परिजनों को सूचित कर दिया गया है। पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक कर रही है।
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