हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने रोडवेज कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए नई तबादला नीति लागू होने तक आपसी सहमति के आधार पर एक बार स्थानांतरण की अनुमति देने का ऐलान किया है। साथ ही रोडवेज डिपो और कार्यशालाओं में कर्मचारियों के लिए मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने, चालकों की सख्त टेस्टिंग शुरू करने और बस अड्डों की जमीनों से अवैध कब्जे हटाने जैसे कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। चंडीगढ़ में परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए अनिल विज ने कहा कि नई स्थानांतरण नीति लागू होने तक रोडवेज कर्मचारियों को आपसी सहमति से एक बार तबादले का अवसर दिया जाएगा। इससे कर्मचारियों की व्यक्तिगत जरूरतों का समाधान होगा और डिपो में कार्य व्यवस्था भी प्रभावित नहीं होगी।
पदोन्नति और कर्मचारियों की मांगों पर बनेगा रोडमैप
बैठक में कर्मचारियों की पदोन्नति, आवासीय कॉलोनियों के निर्माण, अर्जित अवकाश, बोनस, जोखिम भत्ता, वर्दी एवं जूता भत्ता, वार्षिक वेतन वृद्धि और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन संबंधी मुद्दों पर भी चर्चा हुई। विज ने अधिकारियों को इन सभी विषयों पर विस्तृत एजेंडा तैयार कर संबंधित विभागों के साथ बैठक कर समाधान निकालने के निर्देश दिए। डिपो और कार्यशालाओं में बढ़ेंगी सुविधाएं
विज ने सभी रोडवेज कार्यशालाओं और डिपो में कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके तहत पंखे, बैठने की व्यवस्था, वाटर कूलर और महिला-पुरुष कर्मचारियों के लिए अलग-अलग शौचालय उपलब्ध कराए जाएंगे। निजी बस संचालकों को नियमों का पालन करना होगा
बैठक में किलोमीटर स्कीम और स्टेज कैरिज परमिट से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। विज ने स्पष्ट किया कि मामला अदालत में विचाराधीन होने के बावजूद निजी बस संचालकों को मौजूदा नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर बसों का संचालन भी रोका जा सकता है।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए चालकों की होगी टेस्टिंग
परिवहन मंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जल्द ही चालकों की टेस्टिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उनका कहना था कि दुर्घटनाओं को रोकने और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए चालक परीक्षण प्रणाली को पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा।
सरकारी बसों को मिलेगी प्राथमिकता
विज ने अधिकारियों को बस रूट और समय-सारिणी की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, पहले सरकारी बसें चलाई जाएं और उनके 20 से 25 मिनट बाद निजी बसों का संचालन हो, ताकि सरकारी परिवहन सेवाओं को नुकसान न पहुंचे।
बस अड्डों और डिपो की जमीनों का होगा सर्वे
परिवहन विभाग की संपत्तियों पर अवैध कब्जों को लेकर विज ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने सभी बस अड्डों और डिपो की जमीन का सर्वे कराने तथा अतिक्रमण मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बस अड्डों के भीतर हुए कब्जों को भी हटाया जाएगा ताकि इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जा सकें।
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