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हरियाणा में लांच होगा किसान E-खरीद ऐप:पेमेंट, बुआई, गेट पास सबकी जानकारी होगी; CM सैनी बोले- मैं राजा नहीं, किसान का बेटा हूं




हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने चंडीगढ़ में किसानों को राहत देते हुए घोषणा की कि अगले सीजन से ‘किसान ई-खरीद एप’ लॉन्च किया जाएगा। जिसमें किसानों को अपने जे फॉर्म, भुगतान का स्टेटस, बुआई, भूमि वेरिफिकेशन, गेट पास आदि की जानकारी दी जाएगी। धान मिलों के भुगतान को भी ई-खरीद प्रणाली से जोड़ा जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी और तेज हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले हफ्ते से किसानों को व्हाट्सएप से क्यूआर कोड आधारित जे फॉर्म भेजा जाएगा, ताकि किसानों को बैंक ऋण लेने में कोई समस्या न आए। रबी सीजन में हुई गेहूं की बंपर आवक : सीएम नायब सिंह सैनी ने गेहूं खरीद, उठान और आवक को लेकर कहा कि रबी सीजन 2026-27 में प्रदेश की मंडियों में गेहूं की बंपर आवक दर्ज की गई है। पूरी खरीद व्यवस्था को किसान केंद्रित बनाया गया है। उन्होंने अधिकारियों को समय पर खरीद, उठान और भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं राजा नहीं, किसान का बेटा हूं। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि हर किसान को उसकी मेहनत का पूरा मूल्य समय पर और सम्मान के साथ मिले।” पंजाब के विधायकों के भाजपा जॉइन करने के बयान पर मुख्यमंत्री ने कहा वो तो खुद ही अपना पिंड छुड़वाना चाह रहे हैं। साढ़े 81 लाख मीट्रिक टन गेहूं मंडियों में पहुंचा मुख्यमंत्री ने बताया कि 24 अप्रैल तक प्रदेश की मंडियों में 81 लाख 48 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज की गई है, जिसका कुल मूल्य 21 हजार 41 करोड़ रुपए है। वहीं 11 अप्रैल को एक ही दिन में 7 लाख 71 हजार मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड आवक हुई। अब तक 5 लाख 80 हजार किसान अपनी उपज लेकर मंडियों में पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि 79 लाख 14 हजार मीट्रिक टन गेहूं का बायोमेट्रिक बेरिफिकेशन हो चुका है, जो कुल आवक का लगभग 97 प्रतिशत है। प्रदेश की मंडियों में 70 लाख 23 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पूरी हो चुकी है, जिसमें से 59 लाख 77 हजार मीट्रिक टन की सत्यापित खरीद हो चुकी है। वहीं, मंडियों से 34 लाख 56 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उठान किया जा चुका है और इस कार्य में और तेजी लाई जा रही है। पोर्टल पर 10 लाख रजिस्ट्रेशन मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष ‘मेरी फसल- मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर 10 लाख 7 हजार 657 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। ई-खरीद पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल गेट पास और एग्जिट पास की व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत इस सीजन में अब तक 13 लाख 47 हजार डिजिटल गेट पास जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मंडियों में पारदर्शिता और सुचारू व्यवस्था के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन, जियो-फेंसिंग और सीसीटीवी निगरानी जैसे आधुनिक सुधार लागू किए गए हैं। 48 से 72 घंटे के भीतर होगा भुगतान सीएम ने बताया कि, फसल खरीद के बाद किसानों को 48 से 72 घंटे के भीतर भुगतान उनके खातों में सुनिश्चित किया जा रहा है। दूर-दराज से आने वाले किसानों की सुविधा के लिए मंडियों को 24 घंटे खुला रखा गया है। मुख्यमंत्री ने आढ़ती वर्ग को राहत देते हुए बताया कि उनका कमीशन 33 रुपए 75 पैसे प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 55 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है। साथ ही गुणवत्ता मानकों में राहत देते हुए टूटे और सिकुड़े दानों की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी गई है।



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