आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देश में लगातार हो रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा जुबानी हमला किया है। केजरीवाल ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार की नीयत ही पेपर लीक को रोकने की नहीं है। उन्होंने इस पूरे मामले को राजनीतिक खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। अरविंद केजरीवाल ने X पर एक पोस्ट शेयर कर केंद्र सरकार द्वारा पेपर लीक रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा, “सेना के जहाज़ों से पेपर ट्रांसपोर्ट करना, टेलीग्राम बंद करना… क्या इन कदमों से पेपर लीक बंद होंगे? बिल्कुल नहीं। ये बेहद बेतुके कदम हैं।” केजरीवाल का इशारा साफ था कि सरकार बुनियादी समस्याओं को हल करने के बजाय केवल दिखावटी कदम उठा रही है।
अरबों का धंधा है पेपर लीक, पैसा ‘टॉप’ तक जाता है केजरीवाल ने पेपर लीक के पीछे एक बड़े संगठित सिंडिकेट और राजनीतिक सांठगांठ का दावा किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक का धंधा कोई छोटा-मोटा खेल नहीं, बल्कि अरबों रुपये का काला कारोबार है। उन्होंने आरोप लगाया, “यह अरबों का धंधा है और इसका पैसा नीचे से लेकर बिल्कुल टॉप (शीर्ष) तक जाता है।” विधायक-सांसद खरीदने के पैसे कहां से आएंगे? मोदी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने एक बेहद गंभीर और विवादित सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “अगर सरकार ने पेपर लीक का यह धंधा बंद कर दिया, तो फिर विधायकों (MLA) और सांसदों (MP) को खरीदने के लिए पैसे कहां से आएंगे?”
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