Related Posts

चंडीगढ़ में 2×2 KM ग्रिड में मापा जाएगा कार्बन फुटप्रिंट:सैटेलाइट और GIS तकनीक से होगी स्टडी; प्रदूषण के हॉटस्पॉट्स की होगी पहचान




पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में चंडीगढ़ प्रशासन बड़ा कदम उठाने जा रहा है। शहर में पहली बार व्यापक और वैज्ञानिक कार्बन फुटप्रिंट एवं कार्बन स्टॉक असेसमेंट किया जाएगा। इस अध्ययन के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि शहर में परिवहन, बिजली खपत, उद्योग, कचरा प्रबंधन और अन्य गतिविधियों से कितना कार्बन उत्सर्जन हो रहा है तथा शहर का हरित क्षेत्र कितना कार्बन अवशोषित कर रहा है। प्रशासन पूरे शहर को 2×2 किलोमीटर के ग्रिड में बांटकर अध्ययन करेगा। हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट इमेजरी और जीआईएस मैपिंग के जरिए इलाकेवार प्रदूषण के हॉटस्पॉट्स की पहचान की जाएगी। इस आधार पर भविष्य की पर्यावरण और जलवायु संबंधी नीतियां तैयार की जाएंगी। 2030 तक क्लाइमेट प्लान तैयार:- 4 साल में कार्बन बचत में बड़ा उछाल प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में शहर की कुल कार्बन बचत करीब 5.65 किलोटन CO₂ समतुल्य थी, जो वर्ष 2025 तक बढ़कर लगभग 150 किलोटन CO₂ समतुल्य पहुंच गई है। प्रशासन का मानना है कि नया वैज्ञानिक अध्ययन चंडीगढ़ को देश के अग्रणी लो-कार्बन शहरों में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।



Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें