spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

हरिद्वार से 13 दिन में पैदल कांवड़ लेकर पहुंचे युवक:पठानकोट के गांव डुंग पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने किया गर्मजोशी से स्वागत




कठिन तपस्या, अटूट आस्था और भोलेनाथ की भक्ति की अद्भुत मिसाल पेश करते हुए पठानकोट के नजदीकी गांव डुंग के चार युवाओं ने इतिहास रचा है। ये शिवभक्त हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर पैदल कांवड़ यात्रा तय करते हुए पठानकोट पहुंचे हैं। भीषण गर्मी और सैकड़ों किलोमीटर लंबे कठिन रास्ते की परवाह किए बिना युवाओं ने पूरा सफर पैदल तय करने का अपना संकल्प पूरा किया। जानकारी के अनुसार, गांव डुंग निवासी इन चारों युवकों ने बीती 28 जुलाई को हरिद्वार स्थित गंगा घाट से पूरी विधि-विधान के साथ पवित्र कांवड़ उठाई थी। इसके बाद चारों शिवभक्तों ने बिना किसी वाहन का सहारा लिए लगातार पैदल चलकर अपने पैतृक गांव डुंग की ओर बढ़ना शुरू किया। यात्रा के दौरान रास्ते भर श्रद्धालुओं और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं द्वारा इन कांवड़ियों की सेवा, भोजन और विश्राम का विशेष प्रबंध किया गया। शाहपुरकंडी और जुगियाल पहुंचते ही गूंजे जयकारे जब यह कांवड़ यात्रा पठानकोट ज़िले के शाहपुरकंडी, जुगियाल और आसपास के क्षेत्रों में पहुंची, तो स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। क्षेत्रवासियों ने ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के साथ चारों शिवभक्तों का जोरदार स्वागत किया। जलपान की व्यवस्था: स्थानीय श्रद्धालुओं ने कांवड़ियों के विश्राम और जलपान-फल आदि का विशेष इंतज़ाम किया। भक्तिमय माहौल: ‘हर-हर महादेव’, ‘बम-बम भोले’ और ‘जय शिव शंभू’ के गगनभेदी जयकारों से पूरा शाहपुरकंडी और जुगियाल क्षेत्र शिवभक्ति के रंग में रंग गया। क्षेत्र में बना आकर्षण का केंद्र, लोगों ने लिया आशीर्वाद युवाओं की इस कठिन पैदल कांवड़ यात्रा को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी भारी संख्या में लोग पहुंचे। युवाओं का यह कठोर संकल्प और धार्मिक निष्ठा पूरे इलाके में चर्चा और आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। स्थानीय निवासियों और बुजुर्गों ने युवकों की इस भक्ति भावना की जमकर सराहना की और भोलेनाथ से उनकी इस पवित्र यात्रा के सकुशल संपन्न होने तथा उनके सुख-समृद्धि की कामना की।



Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Popular Articles