![]()
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कैचमेंट एरिया में हुई लगातार भारी बारिश का असर अब यमुना नदी पर साफ दिखाई देने लगा है। मंगलवार को यमुनानगर के हथिनीकुंड बैराज पर यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ा और कुछ ही घंटों में नदी का बहाव 34 हजार 364 क्यूसेक से बढ़कर 79 हजार 620 क्यूसेक तक पहुंच गया। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सिंचाई विभाग ने बैराज के 18 में से 15 गेट खोलकर 63 हजार 110 क्यूसेक सरप्लस पानी दिल्ली की ओर छोड़ दिया। अधिकारियों के अनुसार यह पानी अगले 72 घंटे में दिल्ली पहुंच जाएगा। हालांकि राहत की बात यह है कि उत्तराखंड के डाकपत्थर और हिमाचल के पांवटा साहिब से मिली ताजा जानकारी के अनुसार यमुना का जलस्तर अब धीरे-धीरे कम होना शुरू हो गया है। तीन घंटे में दोगुना से ज्यादा बढ़ा जलस्तर ताजेवाला जल सेवाएं मंडल के हथिनीकुंड कंट्रोल रूम के अनुसार मंगलवार दोपहर 1 बजे बैराज पर यमुना का बहाव 34 हजार 364 क्यूसेक था। एक घंटे बाद यानी दोपहर 2 बजे यह बढ़कर 58 हजार 545 क्यूसेक पहुंच गया और 3 बजे तक अधिकतम 79 हजार 620 क्यूसेक दर्ज किया गया। इसके बाद अतिरिक्त पानी को नियंत्रित करने के लिए बैराज के 15 गेट खोलकर 63 हजार 110 क्यूसेक पानी दिल्ली की दिशा में डायवर्ट किया गया। मिनी फ्लड लेवल के करीब पहुंची यमुना सिंचाई विभाग के अनुसार हथिनीकुंड बैराज पर एक लाख क्यूसेक जलप्रवाह होने पर मिनी फ्लड लेवल घोषित किया जाता है। ऐसे में एहतियातन पश्चिमी यमुना नहर और पूर्वी यमुना नहर में जलापूर्ति बंद कर दी जाती है। विभाग के मानकों के अनुसार 1 लाख क्यूसेक पर मिनी फ्लड लेवल, 2.5 लाख क्यूसेक पर फ्लड लेवल और 3 लाख क्यूसेक से अधिक खतरे का स्तर माना जाता है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि हथिनीकुंड बैराज की कुल डिस्चार्ज क्षमता करीब 10 लाख क्यूसेक है, इसलिए फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और लगातार निगरानी रखी जा रही है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सिंचाई विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। बैराज पर जलप्रवाह की प्रत्येक घंटे की रिपोर्ट चंडीगढ़ स्थित उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है। हिमाचल के गिरी कैचमेंट में सबसे ज्यादा बारिश यमुना के जलस्तर में वृद्धि का मुख्य कारण हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कैचमेंट क्षेत्रों में हुई भारी बारिश है। मंगलवार को रेणुका जी (गिरी नदी क्षेत्र) में 112.2 मिमी, जटान बैराज में 70.4 मिमी, कालसी में 51.8 मिमी, हरिपुर में 31.4 मिमी, ताजेवाला में 31.3 मिमी, गंगूवाला में 26 मिमी और हथिनीकुंड बैराज में 12.6 मिमी दर्ज की गई। अधिकारियों के अनुसार यमुना में जलस्तर बढ़ा जरूर है, लेकिन अभी यह खतरे के निशान से काफी नीचे है। ऊपर के कैचमेंट क्षेत्रों में बारिश कम होने से जलप्रवाह में भी धीरे-धीरे कमी आने लगी है। फिर भी प्रशासन और सिंचाई विभाग पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
Source link







