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सोहना के अस्पताल में पेड़ों की कटाई का विरोध:नए भवन निर्माण को लेकर विवाद; वन विभाग ने दी अनुमति




गुरुग्राम जिले के सोहना के नागरिक अस्पताल परिसर में प्रस्तावित नए भवन निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। निर्माण कार्य के लिए अस्पताल परिसर में स्थित लगभग आठ प्राचीन पेड़ों को काटने की अनुमति वन विभाग ने स्वास्थ्य विभाग को दे दी है। इन पेड़ों में 50 से 60 वर्ष पुराने बरगद और पीपल जैसे महत्वपूर्ण वृक्ष शामिल हैं। स्थानीय नागरिकों ने इस निर्णय का कड़ा विरोध जताया है। 100 बेड के अस्पताल की घोषणा जानकारी के अनुसार, करीब 9 वर्ष पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सोहना नागरिक अस्पताल को 100 बेड के अस्पताल के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी। इतने लंबे समय बाद भी इस दिशा में कोई ठोस निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका था। अब जब निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है, तो इसके लिए अस्पताल परिसर के इन प्राचीन पेड़ों को हटाने का निर्णय लिया गया है, जिससे लोगों में आक्रोश है। परिसर में पर्याप्त खाली भूमि उपलब्ध स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ये पेड़ न केवल पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि अस्पताल की पहचान और सौंदर्य का भी अभिन्न हिस्सा हैं। उनका तर्क है कि अस्पताल परिसर में पर्याप्त खाली भूमि उपलब्ध है, जहां पेड़ों को नुकसान पहुंचाए बिना भवन निर्माण किया जा सकता है। खाली जगह पर भवन बनाने की मांग इस मुद्दे पर पार्षद गुरुवचन और व्यापार मंडल के प्रधान मनोज बजरंगी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि शहरवासी इस निर्णय का पूर्ण विरोध करेंगे। उन्होंने सरकार से मांग की है कि अस्पताल का नया भवन खाली पड़ी भूमि पर ही बनाया जाए, ताकि इन प्राचीन वृक्षों को बचाया जा सके। पर्यावरण संरक्षण की अनदेखी नागरिकों का मानना है कि विकास कार्य आवश्यक है, लेकिन पर्यावरण संरक्षण की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। अब देखना होगा कि प्रशासन इस बढ़ते विरोध के बीच क्या निर्णय लेता है और क्या निर्माण योजना में कोई बदलाव किया जाता है या नहीं।



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