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सोनीपत में 3 फैक्ट्रियों में लगी आग:केमिकल ड्रमों में हुए धमाके; 40 फायर ब्रिगेड कर्मी बुझाने में जुटे, लाखों का नुकसान




सोनीपत में HSIIDC राई फेस-1 स्थित औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गैस लाइटर बनाने वाली एक फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग पास की दो अन्य फैक्ट्रियों तक फैल गई। आग इतनी भयावह थी कि केमिकल से भरे ड्रमों में लगातार धमाके होने लगे और कई किलोमीटर दूर तक धुएं का गुबार तथा आग की ऊंची लपटें दिखाई देने लगीं। सूचना मिलते ही सोनीपत, पानीपत, गन्नौर, गोहाना और बहादुरगढ़ समेत कई स्थानों से 12 से अधिक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला स्थानीय पुलिस, प्रशासन और एसडीएम सुभाष चंद्र भी घटनास्थल पर मौजूद रहे। राहत की बात यह रही कि आग लगते ही सभी कर्मचारियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया और देर शाम तक आग पर काबू पाने के प्रयास जारी रहे। गैस लाइटर फैक्ट्री में पहले लगी आग जानकारी के अनुसार, राई औद्योगिक क्षेत्र के फेस-1 स्थित प्लॉट नंबर-60 पर गैस वाले छोटे लाइटर बनाने वाली फैक्ट्री में दोपहर करीब 3 बजे अचानक आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग पूरी फैक्ट्री में फैल गई। कर्मचारियों ने तुरंत बाहर निकलकर अपनी जान बचाई और इसकी सूचना दमकल विभाग को दी गई। कुछ ही दरे में 3 फैक्ट्रियों तक फैली आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उसने आसपास स्थित विकास इंडस्ट्रीज के प्लॉट नंबर-92, 93 को भी अपनी चपेट में ले लिया। इन फैक्ट्रियों में प्लाई बनाने का काम होता है। वहीं प्लॉट नंबर-91 स्थित फैक्ट्री, जहां प्लास्टिक दाने से पैकिंग मैटेरियल तैयार किया जाता है, वहां भी आग पहुंच गई। केमिकल ड्रमों में हुए धमाके प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग के दौरान फैक्ट्रियों में रखे केमिकल से भरे ड्रमों में लगातार धमाके हो रहे थे। धमाकों के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। दूर-दूर तक धुएं का घना गुबार और आग की लपटें दिखाई देती रहीं। 12 से अधिक फायर ब्रिगेड की गाड़िया पहुंचीं आग की सूचना मिलते ही सोनीपत के अलावा पानीपत, गन्नौर, गोहाना और बहादुरगढ़ सहित कई स्थानों से 12 से अधिक फायर ब्रिगेड मौके पर बुलाए गए। करीब 40 से 45 दमकल कर्मचारी लगातार आग बुझाने में जुटे रहे। देर शाम तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था। एसडीएम सुभाष चंद्र मौके पर पहुंचे मौके पर पहुंचे एसडीएम सुभाष चंद्र ने बताया कि तीन फैक्ट्रियों में आग लगी है। प्रशासन ने स्थानीय दमकल वाहनों के साथ अन्य डिवीजनों से भी फायर टेंडर मंगवाए हैं। उन्होंने बताया कि एक फैक्ट्री में प्लाई, दूसरी में गैस लाइटर और तीसरी में प्लास्टिक दाने से पैकिंग मैटेरियल तैयार किया जाता है। प्रशासन की प्राथमिकता आग पर जल्द से जल्द काबू पाना है। अवैध निर्माण बना आग बुझाने में बाधा फायर ब्रिगेड कर्मचारी मनोज ने बताया कि सबसे पहले गैस लाइटर बनाने वाली फैक्ट्री में आग लगी थी, जिसके बाद आग अन्य इकाइयों तक फैल गई। उन्होंने कहा कि आग बुझाने में सबसे बड़ी परेशानी फैक्ट्रियों के भीतर किए गए अवैध निर्माण के कारण आ रही है। संकरे रास्तों और अवैध निर्माण की वजह से दमकल की गाड़ियां अंदर तक नहीं पहुंच पा रही हैं, जिससे राहत कार्य प्रभावित हो रहा है। लाखों का नुकसान, कारण स्पष्ट नहीं भीषण आग में फैक्ट्रियों में रखा लाखों रुपए का कच्चा माल, तैयार उत्पाद और अन्य सामान जलकर राख हो गया। प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें लगातार आग पर काबू पाने का प्रयास कर रही हैं। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है और आग पूरी तरह बुझने के बाद जांच की जाएगी।



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