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सोनीपत पुलिस ने 2.30 लाख की अवैध शराब पकड़ी:चंडीगढ़ से बिहार सप्लाई होनी थी; गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई मिली




सोनीपत पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने भारी मात्रा में चंडीगढ़ मार्का अवैध शराब से भरी कार को पकड़ते हुए एक आरोपी को काबू किया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से हरियाणा से शराब लाकर बिहार में सप्लाई करने के अवैध धंधे में संलिप्त थे। पुलिस ने मौके से हजारों पव्वे बरामद कर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश जारी है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने रचा जाल
सीआईए-1 सोनीपत की टीम गश्त के दौरान गांव रोहट क्षेत्र में मौजूद थी, तभी एक मुखबिर ने सूचना दी कि दीपक और राहुल नामक दो युवक अवैध शराब की सप्लाई का काम करते हैं। सूचना के अनुसार, वे चंडीगढ़ से शराब लाकर बिहार भेजते हैं और इस समय रोहट स्थित निर्माणाधीन रिसिका इंडस्ट्रियल पार्क में गाड़ी खड़ी कर मौके पर मौजूद हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर दबिश देने की योजना बनाई।
रिसिका इंडस्ट्रियल पार्क में दबिश, एक आरोपी गिरफ्तार
पुलिस टीम जब बताए गए स्थान पर पहुंची तो सड़क किनारे खड़ी एक काली रंग की किआ सॉनेट गाड़ी दिखाई दी। टीम ने तत्परता दिखाते हुए गाड़ी में बैठे युवक को काबू कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान राहुल निवासी गांव गढ़ी सांपला, रोहतक के रूप में बताई। मौके पर मौजूद दूसरे आरोपी दीपक के बारे में बताया गया कि वह अभी आने वाला था, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गया।
गाड़ी से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद
तलाशी के दौरान गाड़ी की सीटों के पीछे और डिग्गी में काले कपड़े से ढकी शराब बरामद हुई। जांच में 904 पव्वे “जुबिली स्पेशल व्हिस्की ” और 1999 पव्वे “ब्लू स्ट्रोक एक्सक्विसाइट व्हिस्की ” पाए गए, जो केवल चंडीगढ़ में बिक्री के लिए थे। कुल 2902 पव्वे बरामद किए गए। आरोपी शराब से संबंधित कोई वैध परमिट या लाइसेंस पेश नहीं कर सका।
फर्जी नंबर प्लेट लगाकर कर रहे थे तस्करी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गाड़ी पर लगा नंबर फर्जी था। इंजन और चेसिस नंबर की जांच करने पर वाहन का असली नंबर अलग पाया गया। आरोपी जानबूझकर गाड़ी पर गलत नंबर प्लेट लगाकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे थे। इस खुलासे के बाद मामले में और गंभीर धाराएं जोड़ दी गई हैं।
सैंपल लेकर सील की गई शराब, केस दर्ज
बरामद शराब में से सैंपल निकालकर शेष शराब को कट्टों में भरकर “PK” मोहर से सील किया गया। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी करवाई गई। इसके बाद थाना सदर सोनीपत में मुकदमा एक्साइज एक्ट व बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया।
दूसरे आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
मामले में मुख्य आरोपी दीपक, जो फरमाणा का रहने वाला बताया गया है, फिलहाल फरार है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी हैं। वहीं मामले की गहन जांच के लिए दूसरे अनुसंधान अधिकारी को नियुक्त किया गया है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
अधिकारियों को दी गई सूचना, जांच जारी
मामले की पूरी जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध शराब नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है तथा कितने समय से यह धंधा चल रहा था। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।



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