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सॉफ्टवेयर चोरी कर बनाए हूबहू मेडिकल प्रॉडक्ट:फतेहाबाद कोर्ट के आदेश पर 6 के खिलाफ FIR, दिल्ली- गुरुग्राम- पानीपत के निवासी आरोपी




फतेहाबाद जिले के भट्टू कलां थाना क्षेत्र के गांव किरढ़ान स्थित फोरमोस्ट मेडिटेक प्राइवेट लिमिटेड के गोपनीय डेटा, सॉफ्टवेयर, सोर्स कोड और डिजाइन फाइलों की चोरी कर हूबहू मेडिकल प्रोडक्ट तैयार करने के मामले में पुलिस ने 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। कंपनी के मैनेजर ओमप्रकाश की शिकायत पर कोर्ट में परिवाद दायर किया गया है। कोर्ट ने भट्टू कलां थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज कर जांच के आदेश दिए। इसके बाद पुलिस ने अब केस दर्ज कर जांच शुरू की है। शिकायत में कंपनी मैनेजर ओमप्रकाश ने बताया कि उनकी कंपनी आईसीयू, वेंटिलेटर सहित मेडिकल प्रोडक्ट तैयार करती है और इनके निर्माण के लिए कंपनी ने अपना सॉफ्टवेयर विकसित किया हुआ है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मामले में नामजद सभी आरोपी कभी न कभी कंपनी में कर्मचारी रहे हैं। आरोपियों में बिहार के सिवान जिले के बंगरा निवासी अभिषेक कुमार, पानीपत के काबड़ी रोड स्थित गोल्डन खैनी निवासी सन्नी कुमार, गुरुग्राम निवासी मुकेश कुमार, दिल्ली के दक्षिण-पश्चिमी जिले के भारथल-बगडोला निवासी दीपक कुमार, गुरुग्राम जिले के फर्रुखनगर तहसील के मेहचाना गांव निवासी जिले सिंह, गुरुग्राम के पटेल नगर महरौली रोड निवासी अश्वनी कुमार शामिल हैं। डीलर ने बताया- बाजार में कंपनी जैसा ही सामान बिक रहा शिकायत के मुताबिक, इसी साल मार्च महीने में कंपनी के एक डीलर ने बताया कि बाजार में उनकी कंपनी जैसा ही दूसरा सामान उपलब्ध है। इसके बाद कंपनी ने अपने स्तर पर जांच की। आरोप है कि पूर्व कर्मचारी अश्वनी कुमार ने गुरुग्राम में ब्रीथोवेंट मेडिटेक और मुकेश कुमार ने ब्रेथएक्स सिस्टम नाम से कंपनी बनाकर फोरमोस्ट मेडिटेक के समान प्रोडक्ट तैयार कर बाजार में बेचना शुरू कर दिया। 13 लाख रुपए में डेटा बेचने का आरोप लगाया अभिषेक कुमार ने कंपनी का गोपनीय डेटा, सॉफ्टवेयर, सोर्स कोड, डिजाइन फाइलें, तकनीकी जानकारी और ट्रेड सीक्रेट की पेन ड्राइव में अनधिकृत कॉपी तैयार की। आरोप है कि यह डेटा करीब 13 लाख रुपए में मुकेश कुमार और अश्वनी कुमार को बेचा गया। इतने कम समय में समान मेडिकल प्रोडक्ट के लिए नया सॉफ्टवेयर तैयार करना संभव नहीं था, इसलिए डेटा चोरी कर उसका इस्तेमाल किए जाने का संदेह हुआ। 6 अप्रैल को पुलिस को दी शिकायत, कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट पहुंचे कंपनी की ओर से 6 अप्रैल को थाना भट्टू कलां में शिकायत दी गई थी। शिकायत के अनुसार पुलिस ने आरोपियों को बुलाया, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बाद सीएम विंडो फतेहाबाद में भी शिकायत दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर कंपनी के मैनेजर ने जुलाई महीने में कोर्ट में परिवाद दायर किया। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद अब भट्‌टू पुलिस को केस दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए हैं। 11 धाराओं में दर्ज हुआ केस पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 11 धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। जिनमें बीएनएस, आईटी एक्ट और कॉपीराइट एक्ट की धाराएं शामिल हैं। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2), 318(4), 303, 61(2), 3(5), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 43, 66, 72 तथा कॉपीराइट एक्ट की धारा 51, 63 और 65 के तहत केस दर्ज किया है।



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