![]()
चंडीगढ़ में लंबित अदालती मामलों का आपसी सहमति से जल्द निपटारा करने के लिए 12 सितंबर 2026 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत परिसर में विशेष तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों को दोनों पक्षों की सहमति से सुलझाने का प्रयास किया जाएगा। चेक बाउंस से लेकर पारिवारिक विवाद तक होंगे शामिल नेशनल लोक अदालत में बैंक रिकवरी, चेक बाउंस और अन्य समझौता योग्य मामलों को निपटारे के लिए रखा जाएगा। इसके अलावा वैवाहिक विवाद, उपभोक्ता मामले, मोटर दुर्घटना दावा (MACT) और लंबित ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों पर भी सुनवाई होगी। श्रम विवाद और अन्य दीवानी एवं समझौता योग्य मामलों को भी लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति से निपटाने का प्रयास किया जाएगा। इसका उद्देश्य लोगों को लंबी कानूनी प्रक्रिया और अनावश्यक समय व खर्च से राहत देना है। हर मंजिल पर होगा हेल्प डेस्क जिला अदालत परिसर में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए हर मंजिल पर हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे। इन डेस्क पर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (SLSA), यूटी चंडीगढ़ के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहेंगे। हेल्प डेस्क पर लोगों को उनके मामले से संबंधित आवश्यक जानकारी दी जाएगी। साथ ही उन्हें संबंधित बेंच तक पहुंचने और लोक अदालत में मामले की प्रक्रिया समझने में भी मदद की जाएगी। ज्यादा मामलों के लिए बनाई जाएंगी कई बेंच लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का समय पर निपटारा सुनिश्चित करने के लिए कई न्यायिक बेंच गठित की जाएंगी। ये बेंच दोनों पक्षों की आपसी सहमति के आधार पर मामलों को सुलझाने का प्रयास करेंगी। लोक अदालत में मामलों का निपटारा समझौते के आधार पर किया जाता है, जिससे पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली अदालती प्रक्रिया से राहत मिल सकती है।
Source link







