सिरसा के माधोसिंघाना के सरकारी पशु अस्पताल में फंदे से लटका मिला था वीएलडीए अशोक कुमार। इनसेट में अशोक का फाइल फोटा
सिरसा में वेटरनरी लाइव स्टॉक डेवलेपमेंट असिस्टेंट (VLDA) 28 वर्षीय अशोक कुमार के सुसाइड के बाद पशुपालन विभाग में हलचल तेज हो गई है। अब विभाग के दो और वीएलडीए ने विभाग को कंप्लेंट की है और उसमें अपने ही अधिकारी पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। यह आर
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मामले में वीएलडीए एसोसिएशन का कहना है कि इसकी जांच भी तीन वीएस की कमेटी करेगी। जो आरोप है, वो भी वीएस पर लगे हैं। ऐसे में जांच में भेदभाव करने का शक है। इसलिए इस कमेटी में वीएलडीए व एसडीओ शामिल करने की मांग है। ये दोनों ही वीएलडीए पन्नीवाला मोटा सरकारी पशु अस्पताल के अंतर्गत कार्यरत है, पर दोनों की पोस्टिंग अलग-अलग अस्पताल में हैं।
एसोसिएशन का आरोप है कि वीएस खुद अस्पताल में आते नहीं। इसलिए उनका काम भी वीएलडीए को करना पड़ता है। कुछ और वीएलडीए के साथ ऐसा ही है, परंतु वे किसी न किसी दबाव के चलते नहीं बोलते। जब अशोक कुमार के साथ इसी कारण सुसाइड की नौबत आई तो इन दो वीएलडीए ने अपनी आवाज उठाई है। इसकी जांच गहनता से की जाए। शुरू में विभाग ने अपने स्तर पर कोई जांच नहीं की। इसका एसोसिएशन में रोष का माहौल है।

वीएलडीए आरोप मामले में मांगी गई जांच रिपोर्ट
नए डीडी-एसडीओ की नियुक्ति की
इसे लेकर एसोसिएशन सिरसा एसपी, डीडी और डीजी से मिल चुकी हैं और सीएम के नाम जांच के लिए ज्ञापन सौंपा है। तब जाकर डीजी ने संज्ञान लेते हुए डीडी सुखविंद्र सिंह से सिरसा का चार्ज वापस ले लिया और राज कुमार बैनिवाल को सिरसा डीडी का चार्ज दिया है। कालांवाली एसडीओ से भी चार्ज वापस ले लिया है। अब नए डीडी व एसडीओ की नियुक्ति कर दी है। डीजी ने इसकी जांच रिपोर्ट तलब की है।

वीएलडीए अशोक कुमार
जानिएं पूरा मामला
इन पर लगाए थे आरोप
अशोक के परिजनों ने उसी के विभाग के दो (VLDA), (VS) और SDO एवं DD पर जाति के नाम और मानसिक प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे। इतनी बड़ी घटना के बाद भी विभाग ने अपने स्तर पर मामले की जांच के लिए न कमेटी बनाई, तो न इसे गंभीरता से लिया। इसने सवाल खड़े कर दिए, क्योंकि बड़े अफसरों पर ही आरोप थे। हालांकि, डीडी व वीएस ने इन आरोपों को नकारा है।
माधोसिंघाना में थी ड्यूटी
जानकारी के अनुसार, अशोक कुमार ऐलनाबाद के गांव कैरांवाली का रहने वाला था। वह साल 2022 से माधोसिंघाना के सरकारी पशु अस्पताल (GVH) में कार्यरत था। गत रविवार रात को अशाेक का शव अस्पताल की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में रस्सी के फंदे पर शव लटका मिला था। सूचना पर परिजन व पुलिस मौके पर पहुंची। सीन ऑफ क्राइम की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
छुट्टी के दिन आया अस्पताल
बताया जा रहा है कि वह छुट्टी वाले अस्पताल में था और किसी को उसका पता नहीं था। घरवाले कह रहे कि वह काम के लिए आया था। अस्पताल में 8 से 9 लोगों का स्टाफ था। इस अस्पताल के अंतर्गत गांव के 9 हजार पशु आते हैं। अकेले अशोक पर 4500 पशुओं का जिम्मेदारी सौंपी गई थी।







