सिरसा में बीडीपीओ कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन करते हुए आंगनबाड़ी वर्कर
सिरसा में आज बुधवार को आंगनबाड़ी वर्करों ने बीपीपीओ कार्यालय का घेराव किया और गेट पर खड़े होकर रोष प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। आंगनबाड़ी वर्करों ने आरोप लगाए कि उनको पिछले 8 माह की सैलरी नहीं मिली है और न ही सेंटरों के किराए का भुगतान नहीं किया गया ह
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आंगनबाड़ी वर्कर एसोसिएशन से जिला सचिव प्रोमिला ने बताया, उनकी सैलरी हरियाणा व केंद्र सरकार से आती है। केंद्र सरकार से सैलरी नहीं आई है और एक साल से किराया नहीं दिया है। रजिस्ट्रर भी खुद छपवा रहे हैं। किराया न मिलने पर मकान मालिक ने सेंटरों पर ताला लगा दिया है और सामान उठाने नहीं दे रहे। आंगनबाड़ी सेटरों में शौचालय की व्यवस्था नहीं है। हेल्परों को टीए-डीए देने में भी भेदभाव किया जा रहा है।
प्रोमिला बोली, सरकार व प्रशासन उनकी सुनवाई नहीं कर रहा है। इस भयंकर गर्मी में उनको धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है। धरनारत आंगनबाड़ी वर्करों ने चेतावनी दी है कि जब तक सेंटरों का किराया व उनकी सैलरी नहीं दी जाती, तब तक वह अपनी हाजिरी सेंटर में देंगे। सिलेंडर न भरने पर राशन नहीं बनाएंगे। यदि किसी पर दबाव दिया तो सहन नहीं करेंगे। किसी के साथ हादसा होगा तो विभाग जिम्मेदार होगा।

बीडीपीओ कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए धरनारत आंगनबाड़ी वर्कर
30 जून तक भुगतान क्लीयर का दिया था आश्वासन
प्रोमिला ने बताया, डायरेक्टर ने 30 जून तक टीए-डीए, सीबी मीटिंग, ड्रेस का उनके सारे भुगतान क्लीयर करने का आश्वासन दिया था। वो समय बीत गया है। विभाग ने दोबारा से कुछ नहीं बताया है। इसलिए उन्होंने आज कार्यालय का घेराव किया। उनकी मांगे पूरी नहीं हुई। अन्यथा वह बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होंगे और काम भी नहीं करेंगे। हाजिरी सीडीपीओ ऑफिस में लगाएंगे। गर्मी में किसी के साथ कुछ होता है तो विभाग इसका जिम्मेवार होगा।

धरनारत आंगनबाड़ी वर्कर प्रदर्शन करते हुए
कल मीटिंग को बुलाया
एसोसिएशन के अनुसार, विभाग से अब उनके पास मैसेज आया है और कल वीरवार को मीटिंग के लिए बुलाया है। इस मीटिंग के बाद ही अगला फैसला लिया जाएगा। इसे लेकर एसोसिएशन के साथ पहले बातचीत करेंगे। यह आंदोलन उनका जारी रहेगा।

आंगनबाड़ी वर्कर धरना प्रदर्शन करते हुए
यह हैं मुख्य मांगें
केंद्र सरकार द्वारा पिछले 8 माह की सैलरी का भुगतान किया जाए।
सेंटरों का 9 माह का किराया व सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जाए और रजिस्ट्रेशन हो।
3 साल की ड्रेस, सीबी व रिचार्ज का भुगतान हो।
आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया, एक सामान टीए-डीए दिया जाए। सभी सेंटरों को बराबर रखा जाए।
बच्चों के खाने-पकाने के बर्तन दिए जाए।







