![]()
हरियाणा के सबसे प्रमुख औद्योगिक शहरों में शामिल पानीपत में सावन की पहली ही मूसलाधार बारिश ने नगर निगम और जिला प्रशासन के ड्रेनेज दावों की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। मंगलवार सुबह हुई तेज बारिश के कारण ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया पूरी तरह जलमग्न हो गया और जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आई। समय पर नालों की सफाई न होने के कारण बारिश का गंदा पानी सड़कों पर तालाब की तरह भर गया और सीधे दर्जनों फैक्ट्रियों के भीतर दाखिल हो गया। इसके चलते फैक्ट्रियों में रखा करोड़ों रुपए का कच्चा माल, पैकिंग बॉक्स और एक्सपोर्ट के लिए तैयार फिनिश्ड गुड्स (तैयार माल) पानी में डूबकर पूरी तरह बर्बाद हो गए। फैक्ट्रियों में घुसा पानी, एक्सपोर्ट ऑर्डर रद्द होने का मंडराया खतरा एक तरफ हरियाणा सरकार प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने और नई औद्योगिक नीतियां लागू करने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर पानीपत जैसे बड़े टेक्सटाइल व एक्सपोर्ट हब में मूलभूत सुविधाओं का बुरा हाल है। मंगलवार हुई बारिश के कारण ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया की सड़कों पर 2 से 3 फीट तक पानी भर गया। फैक्ट्रियों के बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर पानी भर जाने के कारण मशीनें बंद पड़ गईं और उत्पादन कार्य पूरी तरह ठप हो गया। सबसे बड़ा झटका निर्यातकों को लगा है, क्योंकि विदेशों में सप्लाई के लिए तैयार रखी गईं शिपमेंट्स पानी में भीग गईं, जिससे ऑर्डर रद्द होने का बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उद्योगपतियों ने बयां किया दर्द- 50 से 70 लाख तक का नुकसान हरियाणा चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन विनोद धमीजा ने प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उद्योगपति लंबे समय से नालों की सफाई और ड्रेनेज दुरुस्त करने की मांग कर रहे थे, लेकिन नगर निगम अधिकारियों ने शिकायतों को लगातार नजरअंदाज किया। नालों में जाम की वजह से बारिश का पानी सीधा हमारी फैक्ट्रियों में घुस गया। मेरी इकाई में शुरुआती आकलन के मुताबिक 60 से 70 लाख रुपए का नुकसान हुआ है, जिसमें एक्सपोर्ट के तैयार पैक्ड बॉक्स भी शामिल हैं। अगर यही हाल रहा तो पानीपत के उद्योग तबाह हो जाएंगे। साहिल इंटरनेशनल के डायरेक्टर साहिल ने बताया कि पहली बारिश ने ही पूरे ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। नालों में प्लास्टिक और कचरा जमा होने से पानी का निकास नहीं हो पाया। फैक्ट्री परिसर में पानी घुसने से काम ठप है और हमारी इकाई को करीब 50 से 60 लाख रुपए का सीधा नुकसान पहुंचा है। पूरे इंडस्ट्रियल एरिया का संचालन बुरी तरह प्रभावित है। घंटों लगा रहा जाम, स्थायी समाधान की मांग बारिश के बाद ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया की हर सड़क पर घंटों तक भारी जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। श्रमिकों और माल वाहक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप रही। पानीपत के उद्योगपतियों ने चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन और नगर निगम ने तुरंत नालों की नियमित सफाई और स्थायी ड्रेनेज सिस्टम का पुख्ता प्रबंध नहीं किया, तो आगामी हर बारिश पानीपत के उद्योगपतियों के लिए बड़ी आर्थिक तबाही लेकर आएगी।
Source link







