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चंडीगढ़ DGP-SSP को CBI के DIG की चिठ्‌ठी:SHO पर एक लाख मंथली-विदेशी शराब मांगने का आरोप, रिकॉर्डिंग, ट्रांसक्रिप्ट भेजे




चंडीगढ़ पुलिस एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सवालों के घेरे में है। मनीमाजरा एसएचओ पर शराब ठेकेदार से हर महीने एक लाख रुपये और दो पेटी विदेशी शराब की कथित मांग का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद सीबीआई के डीआईजी ने पूरे मामले की जांच की, कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग, ट्रांसक्रिप्ट और अन्य साक्ष्य करीब 15 दिन पहले डीजीपी और एसएसपी को भेज दिए। इसके साथ संबंधित एसएचओ के खिलाफ कार्रवाई की भी सिफारिश की गई, लेकिन अब तक कोई विभागीय कार्रवाई नहीं हुई है। हर माह देता था पैसे सूत्रों के अनुसार, शराब ठेकेदार पहले भी संबंधित एसएचओ को हर महीने पैसे देता था। आरोप है कि बाद में एसएचओ ने रकम बढ़ाकर एक लाख रुपये प्रतिमाह करने के साथ दो पेटी महंगी विदेशी शराब की मांग कर दी। ठेकेदार ने इतनी रकम और शराब देने में असमर्थता जताई तो उसे परेशान किया जाने लगा। आरोप है कि पुलिस ने शराब के ठेके के बाहर नाका लगवा दिया, जिससे ग्राहक वहां वाहन खड़े नहीं कर पा रहे थे और कारोबार प्रभावित होने लगा। लगातार दबाव बढ़ने पर ठेकेदार ने सीबीआई से शिकायत की। जांच एजेंसी ने शिकायत की पुष्टि के लिए कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग की और ट्रैप की योजना भी बनाई, लेकिन तय समय पर शिकायतकर्ता पैसे लेकर नहीं पहुंच सका, जिससे ट्रैप सफल नहीं हो पाया। इसके बाद सीबीआई ने उपलब्ध रिकॉर्डिंग, ट्रांसक्रिप्ट और अन्य साक्ष्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भेज दिए। जानिए सिलसिलेवार क्या हुआ……
सूत्रों के अनुसार, मनीमाजरा क्षेत्र के एक शराब ठेकेदार ने सीबीआई से शिकायत की थी कि संबंधित एसएचओ उससे हर महीने एक लाख रुपये और दो पेटी विदेशी शराब की मांग कर रहा है। आरोप है कि पहले भी वह नियमित रूप से मासिक रकम देता था, लेकिन बाद में मांग बढ़ा दी गई। मांग पूरी नहीं होने पर बढ़ाया दबाव: शिकायत के मुताबिक, ठेकेदार ने इतनी बड़ी रकम और शराब देने में असमर्थता जताई। इसके बाद पुलिस ने कथित तौर पर शराब के ठेके के बाहर नाका लगवा दिया, जिससे ग्राहकों को ठेके तक पहुंचने में परेशानी होने लगी और कारोबार प्रभावित हुआ। सीबीआई ने जुटाए सबूत: शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग की गई और ट्रैप की योजना भी बनाई गई। हालांकि, तय समय पर शिकायतकर्ता पैसे लेकर नहीं पहुंच सका, जिससे ट्रैप सफल नहीं हो पाया। डीजीपी और एसएसपी को भेजे रिकॉर्डिंग व दस्तावेज: ट्रैप सफल नहीं होने के बावजूद सीबीआई ने जांच में जुटाए गए कथित साक्ष्य, बातचीत की रिकॉर्डिंग, उसकी लिखित ट्रांसक्रिप्ट और अन्य दस्तावेज पेन ड्राइव के साथ चंडीगढ़ पुलिस के डीजीपी और एसएसपी को भेज दिए। साथ ही संबंधित एसएचओ के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की सिफारिश भी की गई। 15 दिन बाद भी नहीं हुई कार्रवाई: सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की ओर से साक्ष्य भेजे जाने के करीब 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन संबंधित एसएचओ के खिलाफ अब तक कोई विभागीय कार्रवाई नहीं हुई है। इसी को लेकर पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। पहले भी रिश्वत के मामलों में पुलिसकर्मी गिरफ्तार 1 अगस्त 2026: सीबीआई ने बापूधाम पुलिस चौकी प्रभारी इंस्पेक्टर सुरेश कुमार और एएसआई भगत सिंह को 2.50 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। आरोप था कि 80 लाख रुपये की चोरी के मामले में दुकान मालिक से पांच लाख रुपये और बरामदगी में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी मांगी गई थी। 6 जून 2026: सेक्टर-19 के तत्कालीन एएसआई हितेष कुमार को सड़क दुर्घटना के मामले में कार्रवाई नहीं करने के बदले 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। 31 मार्च 2026: सेक्टर-26 सब्जी मंडी बीट के तत्कालीन हेड कांस्टेबल सुनील यादव को एक रेहड़ी विक्रेता से 6,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए सीबीआई ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। बाद में उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया।



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