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समालखा में बारदानों की कमी से खुले में पड़ा गेहूं:बारिश का खतरा, मंडी में अनाज खराब होने का डर, व्यवस्था पर उठे सवाल




पानीपत जिले के समालखा अनाज मंडी में बारदानों की कमी के कारण लाखों क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है। इससे गेहूं के भीगने और खराब होने का खतरा बढ़ गया है। 18 अप्रैल की स्थिति के अनुसार, मंडी में लगभग 4.73 लाख क्विंटल गेहूं मौजूद है, जिसमें से अधिकांश खुले आसमान के नीचे और कुछ शेड के अंदर रखा है। बदलते मौसम के मिजाज को देखते हुए किसान, आढ़ती और खरीद एजेंसियां चिंतित हैं। बता दे कि खरीद एजेंसियों के पास बारदानों की भारी कमी है, जिससे सड़कों और चबूतरों पर रखे गेहूं की भराई नहीं हो पा रही है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने आढ़तियों को अभी तक बारदाने उपलब्ध नहीं कराए हैं, जबकि वह एक लाख क्विंटल से अधिक गेहूं खरीद चुका है। खरीद एजेंसियों के पास बारदानों की कमी हैफेड के पास भी लगभग एक लाख बारदानों की कमी है, जिससे भराई का काम बाधित है। वहीं, हरियाणा वेयरहाउस ने बारदानों की उपलब्धता के अनुसार ही खरीद की है। शनिवार को मंडी में 18,250 क्विंटल गेहूं की आवक दर्ज की गई। कुल मिलाकर, अब तक 7,73,125 क्विंटल गेहूं मंडी में आ चुका है। चार खरीद एजेंसियों ने कुल 5,98,878 क्विंटल गेहूं खरीदा है। मौसम के मिजाज को देखते हुए खरीद एजेंसियां चिंतित इसमें हैफेड ने सर्वाधिक 2,71,362 क्विंटल, हरियाणा वेयरहाउस ने 94,553 क्विंटल, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 1,32,028 क्विंटल और एफसीआई ने 945 क्विंटल गेहूं की खरीद की है। खरीदे गए कुल 5.99 लाख क्विंटल गेहूं में से केवल 1.26 लाख क्विंटल का ही उठान हो पाया है। बारदानों की कमी को जल्द दूर करने की मांग हैफेड का उठान प्रतिशत 24.77 और हरियाणा वेयरहाउस का 34.90 प्रतिशत है। आंकड़ों के अनुसार, लगभग 78.97 प्रतिशत खरीदे गए गेहूं का उठान अभी भी बाकी है। किसानों और आढ़तियों ने चिंता व्यक्त की है कि यदि बारदानों की कमी को जल्द दूर नहीं किया गया, तो उन्हें भारी नुकसान हो सकता है। उन्होंने संबंधित विभागों से इस समस्या का तत्काल समाधान करने की मांग की है।



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