Related Posts

व्यक्ति की मौत के बाद मॉर्च्युरी में नहीं रखा शव:गुरुग्राम में परिजनों का अस्पताल प्रशासन पर आरोप; बोले-राजनीतिक सिफारिश के बाद परमिशन मिली




गुरुग्राम जिले में सोहना के नागरिक अस्पताल में एक मजदूर के शव को मॉर्च्युरी में रखने में कथित देरी और राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद ही अनुमति मिलने पर अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ गए हैं। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जानकारी के अनुसार, खेड़ला निवासी धीरज गांव में मजदूरी का कार्य कर रहे थे। निर्माण कार्य के दौरान छत की पटिया उनके सिर पर गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें तत्काल उपचार के लिए फरीदाबाद के एक अस्पताल ले गए, जहां गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें रेफर कर दिया गया। अस्पताल के मेन गेट पर ही तोड़ा था दम इसके बाद परिजन धीरज को वापस सोहना के नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल के मेन गेट पर ही उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में मौजूद डॉक्टर योगेश साहू ने उन्हें मृत घोषित करने से इनकार कर दिया और शव को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखने की अनुमति भी नहीं दी। परिजन बोले- गुहार लगाते रहे, एक नहीं सुनी मृतक के परिजनों का कहना है कि वे लगभग 3 घंटे तक अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर से शव को मॉर्च्युरी में रखने की गुहार लगाते रहे, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने उन्हें शव कहीं और ले जाने की बात कहकर टाल दिया, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। शव मॉर्च्युरी में रखने के परमिशन नहीं मिली परिजनों के अनुसार, बाद में कुछ राजनीतिक प्रतिनिधियों एवं जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल प्रशासन से संपर्क कर हस्तक्षेप किया। इसके बाद ही अस्पताल प्रशासन ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मॉर्च्युरी में रखने की अनुमति दी। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग इस घटना से मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के प्रति रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि यदि अस्पताल प्रशासन ने समय रहते उचित कार्रवाई की होती, तो उन्हें घंटों तक परेशान नहीं होना पड़ता। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की है। अस्पताल प्रशासन से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई वहीं, इस पूरे मामले में समाचार लिखे जाने तक अस्पताल प्रशासन अथवा संबंधित चिकित्सक की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी



Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें