चंडीगढ़ में चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसकी गिरफ्तारी से कई अन्य मामलों को भी सुलझाने में मदद मिली है। आरोपी की पहचान लवकुश उर्फ बबलू (43), निवासी धनास कॉलोनी, चंडीगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर शहर के अलग-अलग इलाकों से चोरी की गई 7 एक्टिवा भी बरामद की हैं। मामला सेक्टर-45ए निवासी सुनील कुमार की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने बताया था कि उन्होंने अपनी एक्टिवा बुडैल स्थित घर के बाहर खड़ी की थी, जो कुछ समय बाद चोरी हो गई। शिकायत के आधार पर सेक्टर-34 थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने लवकुश उर्फ बबलू को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से चोरी हुई एक्टिवा बरामद कर ली। पूछताछ में 6 और चोरी का खुलासा गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी लवकुश उर्फ बबलू से गहन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि बुडैल से बरामद एक्टिवा के अलावा उसने चंडीगढ़ के अलग-अलग इलाकों से छह अन्य एक्टिवा भी चोरी की थीं। आरोपी ने बताया कि उसने सेक्टर-34, सेक्टर-46, सेक्टर-27, आईटी पार्क और मलोया कॉलोनी जैसे क्षेत्रों को निशाना बनाया था। वह सुनसान स्थानों और घरों के बाहर खड़ी एक्टिवा पर नजर रखता था और मौका मिलते ही उन्हें चोरी कर लेता था। चोरी की गई छह और एक्टिवा बरामद आरोपी के खुलासे के बाद पुलिस ने उसे अदालत में पेश कर दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया। रिमांड के दौरान पुलिस टीम आरोपी को उसके बताए गए अलग-अलग स्थानों पर लेकर गई। आरोपी की निशानदेही और पहचान के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग जगहों से चोरी की गई छह और एक्टिवा बरामद कर लीं। बरामद वाहनों का मिलान संबंधित ई-एफआईआर और चोरी के मामलों से किया गया, जिसके बाद उन्हें केस प्रॉपर्टी के रूप में कब्जे में ले लिया गया। अन्य मामलों के खुलासे की भी उम्मीद पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी इन चोरी की गई एक्टिवा का इस्तेमाल किस उद्देश्य से करता था और क्या वह इन्हें किसी गिरोह के माध्यम से बेचने की योजना में शामिल था। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने शहर या आसपास के क्षेत्रों में और कितनी वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस को पूछताछ के दौरान वाहन चोरी से जुड़े अन्य मामलों के खुलासे की भी उम्मीद है। अलग-अलग इलाकों से बरामद हुई 7 एक्टिवा पुलिस ने आरोपी लवकुश उर्फ बबलू की निशानदेही पर कुल सात चोरी की एक्टिवा बरामद की हैं। इनमें चार एक्टिवा सेक्टर-34 थाना क्षेत्र से चोरी हुई थीं, जबकि एक-एक एक्टिवा आईटी पार्क, सेक्टर-27 और मलोया कॉलोनी से चोरी की गई थी। बरामद वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर का रिकॉर्ड से मिलान किया गया, जिसके बाद यह पुष्टि हुई कि सभी वाहन पहले से दर्ज चोरी के मामलों से संबंधित हैं। पुलिस ने सभी एक्टिवा को कब्जे में लेकर संबंधित ई-एफआईआर में केस प्रॉपर्टी के रूप में शामिल कर लिया है। आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस पुलिस अब आरोपी के आपराधिक इतिहास की विस्तार से जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि वह पहले भी वाहन चोरी के मामलों में शामिल रहा है या नहीं। साथ ही उसके पुराने रिकॉर्ड, जेल हिस्ट्री और अन्य राज्यों या जिलों में दर्ज मामलों की भी जांच की जा रही है। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी अकेले ही चोरी की वारदातों को अंजाम देता था या उसके साथ कोई अन्य साथी भी शामिल था। यह भी पता लगाया जा रहा है कि वह चोरी की गई एक्टिवा को कहां छिपाता था- उन्हें बेचता था या फिर उनके पार्ट्स अलग-अलग कर आगे बेचने का काम करता था।
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