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हांसी जिले के गांव चैनत में जल जीवन मिशन के तहत हुए कार्यों में कथित अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायत के बाद स्टेट विजिलेंस की टीम ने जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर गुरुवार को विजिलेंस विभाग की टीम गांव चैनत पहुंची और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट सहित जलापूर्ति व्यवस्था का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि वर्ष 2022 में गांव चैनत को “हर घर जल-जल जीवन मिशन” के तहत 100 प्रतिशत नल जलापूर्ति से आच्छादित घोषित कर दिया गया था। हालांकि, उनका दावा है कि धरातल पर आज भी अनेक घरों तक नियमित पेयजल नहीं पहुंच रहा है। शिकायत में योजना से जुड़े निर्माण कार्यों, पाइपलाइन, टंकियों, मोटरों, बूस्टरों, कंप्लीशन सर्टिफिकेट और भुगतान प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी। निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई टीम ने वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, जलापूर्ति व्यवस्था और संबंधित रिकॉर्ड का गहन निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई। इस दौरान ग्रामीण नेता अनूप सहित अन्य ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने टीम को गांव की जलापूर्ति संबंधी समस्याओं से अवगत कराया। शिकायत के आधार पर जांच के लिए पहुंची टीम में स्टेट विजिलेंस पंचकूला मुख्यालय से एक्सईएन इकबाल सैनी, स्टेट विजिलेंस हिसार से जेई समुद्र और एएसआई भारत शामिल रहे। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग हांसी की ओर से एक्सईएन संजीव त्यागी, जेई विक्रम और जेई कुलदीप पंघाल भी मौके पर मौजूद थे। 27 दिनों से धरने पर बैठे ग्रामीण उल्लेखनीय है कि गांव चैनत के ग्रामीण पिछले करीब 27 दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं। ग्रामीणों की मुख्य मांग हांसी शहर के लिए जाने वाली भाखड़ा पाइपलाइन से गांव को पेयजल कनेक्शन देने की है। इसी मांग को लेकर गांव में लगातार आंदोलन जारी है। ऐसे में जल जीवन मिशन से जुड़े कार्यों की जांच के लिए विजिलेंस टीम का यह निरीक्षण काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष रूप से की जाती है तो जलापूर्ति परियोजना की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। फिलहाल विजिलेंस विभाग द्वारा मामले की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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विजिलेंस ने हांसी के चैनत गांव में जांच की:भ्रष्टाचार की शिकायत पर वॉटर प्लांट का निरीक्षण; 27 दिनों से धरने पर ग्रामीण







