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रोहतक के पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में आज फिर से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर अंगदान करवाया जाएगा। 16 वर्षीय ब्रेन डेड किशोर के परिजन अंगदान के लिए तैयार हो गए है। पीजीआईएमएस में सुबह 6 बजे से अंग निकालने की प्रक्रिया शुरू होगी और दोपहर 2 बजे परिवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ पार्थिव देह सौंपी जाएगी। पीजीआईएमएस में एक माह के अंदर तीसरा अंगदान है, जिससे संस्थान ने हरियाणा में अंगदान का नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। सोटो हरियाणा की मुहिम को सफलता मिल रही है। गत दिनों सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 16 वर्षीय किशोर को पीजीआईएमएस के ट्रॉमा सेंटर में लाया गया। डॉ. तरुण व उनकी टीम के तमाम प्रयासों के बावजूद 24 अप्रैल को उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया। परिवार से मिलकर अंगदान के लिए किया प्रेरित
पीजीआई के वाइस चांसलर डॉ. एच.के अग्रवाल ने बताया कि जब युवा के ब्रेन डेड होने की सूचना मिली तो उन्होंने स्वयं निदेशक डॉ. एस.के सिंघल के साथ परिवार से मुलाकात की और बताया कि उनका बेटा भले ही इस दुनिया में नहीं रहा, लेकिन उसके अंगो से करीब 8 लोगों को नई जिंदगी दे सकते हैं। वह मरने के बाद भी अमर हो जाएगा। आपका यह फैसला सैकड़ों परिवारों के लिए मिसाल बनेगा। सुबह 6 बजे शुरू होगी अंग निकालने की प्रक्रिया
पीजीआईएमएस के ट्रोमा सेंटर से सुबह 6 बजे जिस हस्पताल को जो अंग सोटो अलॉट करेगा, वहां के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम अंग निकालने की प्रक्रिया शुरू करेगी। इसमें किडनी, लिवर, पैंक्रियाज, लंग्स, कॉर्निया और हार्ट जैसे महत्वपूर्ण अंग निकाले जाएंगे। इसके बाद नियमानुसार पोस्टमार्टम किया जाएगा। कैसे हुई ब्रेन डेथ की पुष्टि
निश्चेतन विभाग के डॉ. तरुण ने बताया कि 23 अप्रैल को मरीज में ब्रेन डेड के लक्षण दिखने पर तुरंत एमएस डॉ. कुंदन मित्तल को सूचना दी। डॉ. मित्तल ने तत्काल 4 वरिष्ठ चिकित्सकों की ब्रेन डेड प्रमाणन समिति गठित की। समिति ने 24 अप्रैल की सुबह पहला एप्निया टेस्ट और अन्य क्लिनिकल टेस्ट किए। पहला टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद नियमानुसार 6 घंटे के अंतराल पर शाम को दूसरा टेस्ट किया। दोनों टेस्ट में ब्रेन स्टेम फंक्शन शून्य पाया। एक महीने में तीसरा अंगदान, हरियाणा में रिकॉर्ड
सोटो हरियाणा के नोडल अधिकारी डॉ. सुखबीर सिंह ने कहा कि पीजीआईएमएस रोहतक एक महीने में तीसरा सफल अंगदान करवा रहा है। हरियाणा के किसी भी सरकारी संस्थान का यह रिकॉर्ड है। डॉ. एच.के अग्रवाल ने समझाया कि यदि अंगदान कर दें तो किसी की मां, किसी का बेटा, किसी का सुहाग बच जाएगा।
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रोहतक पीजीआई में आज फिर बनेगा ग्रीन कॉरिडोर:16 वर्षीय ब्रेन डेड किशोर का होगा अंगदान, 8 जिंदगियां हो सकेंगी रोशन







