रोहतक में इनसो के प्रदेशाध्यक्ष दीपक मलिक ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जीजेयू के बाद कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी की तरफ से हॉल की कुर्सी तोड़ने की झूठी शिकायत देकर दिग्विजय चौटाला व इनसो के पदाधिकारियों पर केस दर्ज करवाया है। सरकार छात्र संगठन को दबाने का प्रयास करते हुए इस प्रकार के हथकंडे अपना रही है। इनसो प्रदेशाध्यक्ष दीपक मलिक ने कहा कि 7 अप्रैल को कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से छात्र संवाद कार्यक्रम की शुरूआत की गई थी। इसके बाद जीजेयू में कार्यक्रम था, जहां हॉल के लिए वीसी ने परमिशन नहीं दी। परमिशन न मिलने पर तय किया कि वीसी ऑफिस पर संवाद कार्यक्रम करेंगे। दीपक मलिक ने बताया कि जीजेयू में वीसी ऑफिस पर जब छात्र संवाद कार्यक्रम समाप्त किया और वीसी को चेतावनी देते हुए ज्ञापन दिया तो वीसी पीछे के रास्ते से चला गया। इसके बाद रात को वीसी ऑफिस के बाहर गमला तोड़ने का केस दर्ज किया गया, जो छात्रों ने नहीं बल्कि पुलिसकर्मियों ने ही धक्का मुक्की के तोड़े थे। 6 में से 5 के एफआईआर में नाम ही नहीं
दीपक मलिक ने कहा कि जीजेयू प्रशासन की तरफ से 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया, जिन्हें रात को 2 बजे व 3 बजे गिरफ्तार किया। लेकिन जिन लोगों को गिरफ्तार किया, उनमें से 5 लोगों के नाम एफआईआर में ही नहीं थे। अगले दिन जब दिग्विजय चौटाला गिरफ्तारी देने गए तो एसपी ने कहा कि गिरफ्तारी नहीं बनती। जब गिरफ्तारी नहीं बनती तो छात्रों को गिरफ्तार क्यों किया गया। 7 अप्रैल को कार्यक्रम, 17 अप्रैल को केस दर्ज
दीपक मलिक ने कहा कि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में 7 अप्रैल को संवाद कार्यक्रम था, जिसमें दिग्विजय चौटाला मौजूद थे। 17 अप्रैल को कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी प्रशासन ने केस दर्ज करवाया कि कार्यक्रम में कुर्सी तोड़ी गई। इसके बाद वीसी ने लेटर दिया कि कुर्सी ठीक करवा दो। इनसो ने कहा कि कुर्सी ठीक करवा देंगे, फिर 17 अप्रैल को एफआईआर किसके कहने पर दर्ज करवाई गई। दीपक मलिक ने कहा कि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के वीसी का लेटर उनके पास है। बावजूद इसके दिग्विजय चौटाला, दीपक मलिक सहित अन्य इनसो पदाधिकारियों पर केस दर्ज किया गया, जो छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास है। दीपक ने कहा कि केस भले ही 100 लगवा दो, लेकिन छात्र रूकने वाले नहीं है। यूनिवर्सिटियों की नसों में भगवाकरण का लगा रहे टीका
दीपक मलिक ने आरोप लगाया कि इनसो छात्र उस नर्सरी के पौधे है, जिसने आंख में आंख डालकर बात की है। छात्रों पर आरएसएस की विचारधारा थोंपी जा रही है। यूनिवर्सिटियों की नसों में भगवाकरण का टीका लगाया जा रहा है। छात्र संगठन इनसो वाइस चांसलर से पूछेगा कि यूनिवर्सिटियों में यह माहौल क्यों बनाया जा रहा है। नायाब का नहीं, लोगों का है हरियाणा
दीपक मलिक ने कहा कि भाजपा ने एक नारा लगाना शुरू कर दिया कि नायाब का हरियाणा, लेकिन हरियाणा लोगों का है। नायाब का हरियाणा कौन सा है, जहां फिरौती मांगी जाती है, जहां रेप होते हैं, जहां मर्डर होते हैं, जहां यूनिवर्सिटियों में आरएसएस की विचारधारा थोंपी जाती है। नायब व मनोहर लाल आएंगे और जाएंगे, लेकिन हरियाणा लोगों का रहेगा।
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