कलेसर जंगल के सेंचुरी एरिया में हुई युवा तेंदुए की मौत के बाद वन्य जीव विभाग हरकत में आया है। विभागीय टीम के अधिकारियों ने घटनास्थल शहजादवाला जंगल का निरीक्षण किया। मृत जानवर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृत्यु का संभावित कारण कैनाइन डिस्टेंपर नामक संक्रामक बीमारी बताई गई। कलेसर सेंचुरी एरिया में 10 महीने के तेंदुए की मौत ने वन्य जीव विभाग को हैरानी में डाल दिया है। तेंदुए के शावक की घटना को गंभीरता से लेते हुए वन्य जीव विभाग द्वारा तत्काल प्रभाव से चिकन, बनियावाला, शहजादवाला क्षेत्रों का संयुक्त निरीक्षण किया गया। मौके पर आईएफएस वीरेन्द्र गिल, वन्य जीव मंडल अधिकारी पंचकुला एवं सहायक वन संरक्षक राजेश माथुर यमुनानगर के नेतृत्व में निरीक्षण किया गया। अधिकारियों द्वारा घटना से जुड़े कई बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित की जा रही है जैसे कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या एवं उनकी स्वास्थ्य स्थिति, अन्य वन्य जीवों में किसी प्रकार के असामान्य व्यवहार या बीमारी के लक्षण, जंगली जानवरों में संक्रमण के संभावित स्रोतों जैसे कचरा स्थल, जल स्रोत एवं मानव-वन्य जीव संपर्क बिंदु आदि। टीम द्वारा हाल के दिनों में किसी अन्य वन्य जीव की असामान्य मृत्यु अथवा बीमारी से संबंधित जानकारी भी जुटाई जा रही है। इस संबंध में वाइल्डलाइफ डीएफओ राजेश माथुर ने बताया कि इस विषय पर शीघ्र ही विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने बताया कि वन्य जीव विभाग द्वारा क्षेत्र में सतत निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यक निवारक उपायों पर भी कार्य किया जा रहा है। फील्ड इंस्पेक्शन टीम द्वारा शहजादवाला, चिक्कन, बनियावाला, नेशनल पार्क से जुड़े कई क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया।
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युवा तेंदुए की मौत के बाद हरकत में आया वन्य जीव विभाग, टीम ने किया निरीक्षण






