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मोहाली में पुलिस हथियारों के साथ तीन को दबोचा:चार अवैध पिस्टल, नौ कारतूस बरामद, चेकिंग अभियान के दौरान हुई गिरफ्तारी




मोहाली पुलिस ने असामाजिक तत्वों, गैंगस्टरों और अवैध हथियार तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर तीन आरोपियों को दबोचा है। इनके पास से पुलिस ने चार अवैध पिस्टल, नौ जिंदा कारतूस और दो मैगजीन बरामद की हैं। पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि हथियारों की यह खेप किस बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए लाई गई थी। डीएसपी (सिटी-2) हरसिमरन सिंह बल ने बताया कि अभियान के तहत सोहाना थाना पुलिस की एक टीम लांडरां-बनूर रोड पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस पार्टी ने सड़क किनारे मोटरसाइकिल के पास खड़े एक संदिग्ध युवक को देखा। पुलिस टीम को अपनी तरफ आता देख वह युवक हड़बड़ा गया और मोटरसाइकिल छोड़कर भागने लगा। मुस्तैद पुलिस कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए पीछा कर उसे दबोच लिया। पकड़े गए आरोपी की जब मौके पर तलाशी ली गई, तो पुलिस टीम दंग रह गई। उसके पास से दो अवैध पिस्टल, सात जिंदा कारतूस और दो मैगजीन बरामद हुईं। आरोपी की पहचान रामू निवासी बरेली (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है, जो वर्तमान में मुबारकपुर (डेराबस्सी) में किराए के मकान में रह रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सोहाना थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद डेराबस्सी से दबोचे गए दो अन्य साथी गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपी रामू से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने हथियार तस्करी के इस रैकेट से जुड़े अपने दो अन्य साथियों के नामों का खुलासा किया। रामू की निशानदेही पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डेराबस्सी इलाके से उसके दो साथियों—अभिषेक और लवप्रीत को भी गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान: अभिषेक के पास से एक .32 बोर की अवैध पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। लवप्रीत के पास से एक .315 बोर की देसी पिस्टल (कट्टा) बरामद की गई। हथियारों के मुख्य स्रोत और नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस डीएसपी हरसिमरन सिंह बल ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से कुल चार अवैध हथियार और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस रिमांड के दौरान इनसे यह उगलवाने का प्रयास किया जा रहा है कि वे ये हथियार उत्तर प्रदेश या किसी अन्य राज्य के किस तस्कर से खरीदकर लाए थे और पंजाब में इनका इस्तेमाल किन वारदातों या गैंगवार में किया जाना था। जांच के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य बड़े चेहरों की गिरफ्तारी भी संभव है।”



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