भारत का सुप्रीम कोर्ट 21, 22 और 23 अगस्त को देश की शीर्ष अदालत में लंबे समय से लंबित मुकदमों के त्वरित और आपसी सहमति से निपटारे के लिए एक ‘विशेष लोक अदालत’ का आयोजन करने जा रहा है। इस ऐतिहासिक पहल को सफल बनाने के लिए गुरदासपुर जिले में जमीनी स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के अध्यक्ष दिलबाग सिंह जोहल ने इस संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। सत्र न्यायाधीश दिलबाग सिंह जोहल ने बताया कि इस विशेष लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के बोझ को कम करना और वैकल्पिक विवाद समाधान (Alternative Dispute Resolution – ADR) प्रणाली के माध्यम से आम लोगों को जल्द व सुलभ न्याय दिलाना है। इस प्रक्रिया में दोनों पक्षों की आपसी सहमति को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे मुकदमों का हमेशा के लिए शांतिपूर्ण अंत हो सके। इस विशेष लोक अदालत के दायरे में ऐसे मामलों को शामिल किया गया है, जिन्हें कानूनन आपसी सुलह और समझौते से सुलझाया जा सकता है। इन दीवानी और वैवाहिक मामलों का हो सकेगा निपटारा गुरदासपुर और सब-डिवीजन स्तर पर प्री-लोक अदालतों का आयोजन सुप्रीम कोर्ट की इस विशेष अदालत की तैयारी के रूप में गुरदासपुर जिला मुख्यालय और उप-मंडल (सब-डिवीजन) स्तर पर ‘प्री-लोक अदालतें’ आयोजित की जा रही हैं। जोहल ने बताया कि इन मामलों की सूची जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरदासपुर को मुख्य कार्यालय एसएएस. नगर (मोहाली) के माध्यम से सीधे सुप्रीम कोर्ट से प्राप्त हुई है। इस सूची के आधार पर प्राधिकरण द्वारा संबंधित दोनों पक्षों को समन (नोटिस) जारी कर बुलाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्री-लोक अदालतों की रिपोर्ट भेजी जाएगी दिल्ली जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कुशल नेतृत्व में लगाई जा रही इन प्री-लोक अदालतों का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट की तारीख से पहले ही दोनों पक्षों के बीच बातचीत का रास्ता साफ करना है। प्री-लोक अदालतों के माध्यम से जिन मामलों में दोनों पक्ष समझौते के लिए राजी हो जाएंगे, उनकी विस्तृत रिपोर्ट राज्य मुख्यालय एसएएस नगर भेजी जाएगी। इसके बाद, 21 से 23 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की विशेष लोक अदालत के समक्ष इन मामलों पर अंतिम समझौते की कानूनी मुहर लगाई जाएगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की जनता से अपील जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिलबाग सिंह जोहल ने आम जनता और वादियों से अपील की है कि वे इस स्वर्णिम अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने लंबित मामलों का कोर्ट-कचहरी के चक्करों से दूर, बिना किसी मानसिक तनाव और खर्च के निपटारा चाहते हैं, वे तुरंत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरदासपुर से संपर्क करें और अपने मुकदमों को इन प्री-लोक अदालतों में रखवाएं।
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सुप्रीम कोर्ट 21, 22, 23 अगस्त को स्पेशल लोक अदालत:शीर्ष अदालतों में लंबित मामलों को लेकर अनूठी पहल, गुरदासपुर व सब-डिवीजन स्तर पर आयोजन
