मोहाली के सेक्टर-82 में सोमवार को एक बड़ा हादसा टल गया। यहां एक निर्माणाधीन इमारत के खुले और गहरे पानी के टैंक में एक नंदी रातभर फंसा रहा। सूचना मिलने के बाद गौ ग्रास सेवा समिति की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद नंदी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के बाद मौके पर ही नंदी का स्वास्थ्य परीक्षण और प्राथमिक उपचार किया गया। गंभीर चोट नहीं होने पर उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया। गौ ग्रास सेवा समिति के अधिकारियों के अनुसार, सोमवार सुबह उनकी टोल-फ्री हेल्पलाइन पर नंदी के गहरे टैंक में गिरने की सूचना मिली थी। इसके बाद समिति की विशेष रेस्क्यू टीम तुरंत सेक्टर-82 स्थित निर्माणाधीन साइट पर पहुंची। बताया गया कि साइट पर पानी का एक गहरा टैंक खुला पड़ा था। रात के समय अंधेरा होने के कारण नंदी का संतुलन बिगड़ गया और वह टैंक में गिर गया। इसके बाद वह पूरी रात वहीं फंसा रहा। रस्सियों और उपकरणों की मदद से 4 घंटे चला रेस्क्यू टैंक काफी गहरा होने के कारण नंदी को बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण था। रेस्क्यू टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से सावधानीपूर्वक बचाव अभियान शुरू किया। रस्सियों और अन्य उपकरणों की सहायता से करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद नंदी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू टीम ने इस दौरान विशेष सावधानी बरती, ताकि नंदी को किसी तरह की गंभीर चोट न पहुंचे। खुले टैंक और गड्ढों को लेकर लोगों ने जताई चिंता घटना के बाद लोगों ने निर्माणाधीन साइट्स पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि खुले पड़े गहरे टैंक और गड्ढे आवारा पशुओं के साथ-साथ इंसानों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकते हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि निर्माणाधीन साइट्स पर खुले टैंकों और गड्ढों को ढकने या उनके आसपास सुरक्षा बैरिकेड लगाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। हेल्पलाइन पर बेसहारा पशुओं की सूचना देने की अपील गौ ग्रास सेवा समिति ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी इलाके में घायल, दुर्घटनाग्रस्त या बेसहारा गोवंश दिखाई दे, तो तुरंत समिति की हेल्पलाइन पर सूचना दें। जरूरत पड़ने पर समिति की एंबुलेंस और पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंचती है। गंभीर मामलों में गोवंश को फेज-1 स्थित गौ अस्पताल एवं गौशाला में भर्ती कर इलाज उपलब्ध कराया जाता है।
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