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पंचकूला नगर निगम चुनाव में मेयर पद की दौड़ तेज हो गई है और प्रत्याशी जनता के बीच अपने विजन और वादों के साथ उतर चुके हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस मेयर प्रत्याशी सुधा भारद्वाज ने दैनिक भास्कर ऐप से खास बातचीत में खुद को सबसे मजबूत दावेदार बताते हुए संगठन में अपने लंबे अनुभव, जमीनी संघर्ष और शहर की समस्याओं की गहरी समझ को अपनी ताकत बताया। सुधा भारद्वाज ने पानी, सीवरेज, खराब सड़कों और जलभराव जैसी अहम समस्याओं को प्रमुख मुद्दा मानते हुए पहले 100 दिन का रोडमैप भी साझा किया। साथ ही पार्टी में गुटबाजी के सवाल पर सफाई देते हुए एकजुटता का दावा किया और भ्रष्टाचार पर सख्त रुख अपनाने की बात कही। दैनिक भास्कर ऐप के सवाल, मेयर प्रत्याशी सुधा भारद्वाज के जवाब… पंचकूला के मेयर चुनाव में आप खुद को सबसे मजबूत दावेदार क्यों मानते हैं? कांग्रेस संगठन में 10 साल से अधिक कार्य करने का अनुभव रहा है। जनता के मुद्दों को लेकर मैंने कई बार सड़क पर आंदोलन किए हैं, जेल भी गई हैं। मुझे पंचकूला के मुद्दों की समझ है, इसलिए मुझे लगता है कि लोगों को मेरी बात समझ आएगी। कांग्रेस की गुटबाजी से चुनाव के दौरान कैसे निपटेंगी, हुड्डा गुट ने आपके चुनाव प्रचार से दूरी बना रखी है? कांग्रेस में गुटबाजी नहीं है। भूपेंद्र हुड्डा व दूसरे कुछ नेता उस दिन नहीं आ पाए। ऐसा संभव नहीं है कि सभी लोग एक ही दिन एक जगह पर चले जाएं। चुनाव प्रचार के लिए वे यहां पर जरूर आएंगें। सभी लोगों वे मिलेंगे भी। गुटबाजी को लेकर उन्हें कोई चिंता नहीं है। पंचकूला में सबसे बड़ी समस्या क्या है ? पंचकूला में समस्याओं की कोई कमी नहीं है। यहां के लोगों को पानी ही नहीं मिल पा रहा है। सेक्टरों के लोगों को भी पानी नहीं मिल रहा। जिनके यहां पानी पहुंच रहा है, वो पीने लायक नहीं है। सभी लोगों को घर पर फिल्टर के लिए RO लगवाने पड़ रहे हैं। सड़कों की हालत भी बड़ी खराब है। सड़कें टूट चुकी हैं। वहीं, बारिश के मौसम में शहर के कई हिस्से डूब जाते हैं। घग्गर पार के सेक्टरों में ज्यादा समस्या है। अगर आप मेयर बनती हैं तो पहले 100 दिन में कौन से 3 काम करेंगी? सबसे पहले फोकस शहर में लोगों को पीने योग्य पानी उपलब्ध करवाने पर रहेगा। महिला सुरक्षा की दृष्टि से शहर के सेक्टरों में लाइटों की व्यवस्था व सीसीटीवी लगवाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। शहर को सीवरेज की समस्या से भी निजात दिलवाया जाएगा। नगर निगम का बजट सीमित है, ऐसे में फंड कैसे मैनेज करेंगे? पंचकूला में निगम का बजट 400 करोड़ रुपए का है। अगर ढंग से खर्च किया जाए तो काफी चीजों का समाधान हो सकता है। कमी है तो सही नीयत की है। निगम में भ्रष्टाचार बढ़ा है, निगम के 160 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। ऐसे में जनता का पैसा सही जगह कैसे लगेगा। भ्रष्टाचार रोकने के लिए आपकी ठोस रणनीति क्या होगी? हमारे कार्यकाल में पूरी तरह से पारदर्शिता रहेगी। भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं होगी। पूर्व में हुए घोटालों पर कार्रवाई की जाएगी। हमारे कार्यकाल में भ्रष्टाचार न हो, इसके लिए भी लोगों से सुझाव लिए जाएंगे। जनता आपसे सीधे कैसे जुड़ सकेगी? जनता के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहूंगी। कभी भी मुझसे मिला जा सकता है। ऑफिस या घर हर जगह मैं उनके लिए उपलब्ध रहूंगी। जनता के बीच खुद भी जाउंगी। काम ऐसा होगा कि लोगों को मेरे पास आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। राजनीति में आने की प्रेरणा क्या रही? मैंने पॉलिटिक्ल साइंस से MA किया है। राजनीति विज्ञान पढ़ा है, लेकिन प्रैक्टिकल करने का मौका अब मिल रहा है। मैंने राजनीति को जीवन के उस पड़ाव पर चुना, जब मैं पारिवारिक जिम्मेदारियों से फ्री हो चुकी हैं। अब मुझे अपने शहर के लोगों के लिए कुछ करना है, इसी सोच के साथ राजनीति में आई हूं। चूंकि पति संजीव भारद्वाज लंबे समय से कांग्रेस में सक्रिय थे तो उनके साथ फील्ड में आ गई। पंचकूला की जनता के लिए मैसेज? पंचकूला की जनता ने अगर मुझे मेयर बनाया तो उन्हें अपनी समस्या के लिए भटकने की जरूरत नहीं होगी। उनका प्रयास रहेगा कि घर बैठे ही लोगों की समस्याओं का समाधान करवाया जाएगा। मुझे पंचकूला की हर समस्या और मुद्दे की समझ है।
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मेयर बनी तो 100 दिन में पानी, सुरक्षा-सीवरेज पर काम:पंचकूला से कांग्रेस कैंडिडेट सुधा भारद्वाज बोलीं- भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम







