मानसा में सोमवार को सड़क हादसे में एक अग्निवीर जवान की मौत हो गई। फरीदकोट में उसकी तैनाती थी। वह 5 साल पहले भर्ती हुआ था और दो दिन पहले ही छुट्टी पर घर आया था। मृतक जवान की पहचान मानसा जिले के गांव मंडेरना के रहने वाले बलवीर सिंह के रूप में हुई है। मृतक अग्निवीर का अंतिम संस्कार आज (16 जून) ही उनके पैतृक गांव में सैन्य सम्मान के साथ किया गया। इसके लिए सेना की एक टुकड़ी मानसा सिविल अस्पताल पहुंची थी। इसके बाद अग्निवीर के पार्थिव शरीर को गांव लगाया गया था। बाइक लेकर शहर गया था जवान मृतक के चाचा भरपूर सिंह ने बताया कि बलवीर सिंह रविवार को ही छुट्टी आया था। उसके कोई काम था, इसलिए सोमवार को बाइक लेकर मानसा शहर गया। जाते समय जब वह नेहरू मेमोरियल सरकारी कॉलेज के पास पहुंचा तो उसकी बाइक अनियंत्रित हो गई। चाचा के अनुसार, मौके पर मौजूद लोगों ने बताया है कि बलवीर की बाइक डिवाइडर से टकरा गई। इससे बलवीर को काफी चोटें आई थीं। लोग उसे उठाकर फौरन सिविल अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल पहुंचकर सैन्य अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि लोगों ने पुलिस को भी हादसे की सूचना दे दी थी। इसके बाद पुलिस ने परिजन को बताया। कुछ ही देर में परिजन भी अस्पताल पहुंच गए थे। वहां से सैन्य अधिकारियों को भी बता दिया गया। मंगलवार सुबह सैन्य अधिकारी भी अस्पताल पहुंच गए। इसके बाद शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर उसे परिजन को सौंप दिया गया। पूर्व सैनिकों ने भी उसे श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद सेना पार्थिव शरीर को गांव मंडेरना ले गई। शव को सेना की गाड़ी में ही गांव तक लाया गया। पिछले साल ही पूरा हो चुका था 4 साल का कार्यकाल चाचा ने बताया कि बलवीर सिंह की भर्ती भारतीय सेना में 14 अगस्त 2021 को अग्निवीर के तौर पर हुई थी। अभी वह 26 साल का था और अविवाहित था। उसके पिता किसान हैं और माता गृहिणी। उसका एक छोटा भाई और एक छोटी बहन भी है। उन्होंने बताया कि बलवीर के अग्निवीर के रूप में सेवा देते हुए 4 साल 2025 में ही पूरे हो चुके हैं। उसने अपनी सर्विस के दौरान बढ़िया काम किया, इसलिए उसे आगे की सेवा के लिए भी चयनित कर लिया गया था। आज पैतृक गांव मंडेरना में सैन्य सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। थाना प्रभारी बोले- धारा 174 के तहत कार्रवाई की थाना सिटी-2 के प्रभारी गुरतेज सिंह ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि बलवीर सिंह के पिता रूप सिंह के बयानों के आधार पर धारा 174 के तहत कार्रवाई की गई है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। ॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पंजाब के शहीद अग्निवीर की कहानी:कभी पेंट किया तो कभी दिहाड़ी लगाई, 6 बहनों के इकलौते भाई; अगले महीने छुट्टी आना था पंजाब के लुधियाना के अग्निवीर अजय सिंह (23) जम्मू-कश्मीर में शहीद हो गए। गुरुवार को राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में बारूदी सुरंग में विस्फोट हो गया था। जिसकी चपेट में अजय सिंह आ गए थे। पढ़ें पूरी खबर…
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