![]()
हरियाणा के महेंद्रगढ़ में भारत मुक्ति मोर्चा ने डीसी कार्यालय में सुपरिंटेंडेंट को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में संगठन ने मांग की है कि जनगणना का कार्य सरकारी स्कूल के अध्यापकों की बजाय शिक्षित बेरोजगारों से कराया जाए। भारत मुक्ति मोर्चा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष जगदीश प्रधान ने बताया कि इस कदम से लाखों सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा बाधित नहीं होगी। साथ ही, शिक्षकों को दिए जाने वाले मानदेय का लाभ बेरोजगारों को मिल सकेगा। संगठन ने सुझाव दिया कि बेरोजगारों को उचित प्रशिक्षण देकर डीसी, एसडीएम और बीडीपीओ के निर्देशन एवं नियंत्रण में जनगणना का कार्य कराया जा सकता है। प्रधान बोले- सरकारी स्कूलों से रुझान हो रहा कम जगदीश प्रधान ने यह भी कहा कि पिछले 75 सालों से शिक्षकों से दूसरे काम लेने के कारण सरकारी स्कूलों में अभिभावकों और छात्रों का रुझान कम हुआ है, जिससे निजी स्कूलों को बढ़ावा मिला है। संगठन की मांग है कि शिक्षकों से केवल शिक्षा का ही काम लिया जाए। गरीब बच्चों की शिक्षा बाधित हुई उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा भारतीय संविधान में एक मौलिक अधिकार है, जिसकी अवहेलना कोई व्यक्ति या संस्थान नहीं कर सकता। यदि जनगणना के लिए सरकारी शिक्षकों को लगाया गया और गरीब बच्चों की शिक्षा बाधित हुई, तो संगठन शिक्षा के मौलिक अधिकार को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में कार्रवाई करेगा। इस अवसर पर भारत मुक्ति मोर्चा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष जगदीश प्रधान के साथ एडवोकेट सुभाष कामरेड, एडवोकेट ममता देवी और कैलाश कुमार सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
Source link
महेंद्रगढ़ में भारत मुक्ति मोर्चा ने DC को दी शिकायत:जनगणना टीचर्स की बजाय शिक्षित बेरोजगारों से कराने की मांग







