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महिला आयोग चेयरपर्सन अचानक पहुंची पानीपत सिविल अस्पताल:अव्यवस्थाओं पर भड़कीं; बोलीं- क्या सब्जी मंडी बना रखी है; यहां बोली लगाई जा रही है




हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन उषा प्रियदर्शनी ने शुक्रवार को पानीपत के सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं में भारी अव्यवस्था देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। लगातार मिल रही थीं शिकायतें महिला आयोग की चेयरपर्सन को पिछले काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं कि सिविल अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक होने के बावजूद सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। महिलाओं को पर्ची बनवाने, डॉक्टर को दिखाने और विभिन्न जांच कराने के लिए घंटों लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ता है। कई बार लंबे इंतजार के बाद भी उन्हें विभिन्न कारण बताकर वापस भेज दिया जाता है। ब्लड टेस्ट लैब में मिली अव्यवस्था निरीक्षण के दौरान उषा प्रियदर्शनी सबसे पहले खून जांच (ब्लड टेस्ट) लैब पहुंचीं। यहां उन्होंने देखा कि बड़ी संख्या में महिलाएं अव्यवस्थित तरीके से लाइन में खड़ी थीं और काफी देर से अपनी बारी का इंतजार कर रही थीं। यह देखकर चेयरपर्सन ने लैब कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए कहा, यह क्या सब्जी मंडी बना रखी है? यहां आप सब्जी बेच रहे हैं, बोली लगा रहे हैं या मरीजों को सुविधा देने बैठे हैं? महिलाओं ने सुनाई अपनी परेशानी निरीक्षण के दौरान चेयरपर्सन ने लाइन में खड़ी महिलाओं से भी बातचीत की। महिलाओं ने बताया कि वे पिछले एक घंटे से अधिक समय से लाइन में खड़ी हैं, लेकिन उनकी पर्चियां काफी देर बाद लेना शुरू किया गया। उन्होंने अस्पताल में अव्यवस्थित व्यवस्था और लंबे इंतजार की समस्या से चेयरपर्सन को अवगत कराया। CMO को दिए व्यवस्था सुधारने के निर्देश चेयरपर्सन ने सिविल सर्जन एवं सीएमओ डॉ. विजय मलिक से कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं हैं और इन्हें तुरंत सुधारने की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि मरीजों को अनावश्यक रूप से लंबी कतारों में खड़ा न रहना पड़े तथा अस्पताल में बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। महिलाओं को प्राथमिकता देने पर दिया जोर उषा प्रियदर्शनी ने कहा कि अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ अन्य सभी महिलाओं को भी समान रूप से प्राथमिकता और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों की सुविधा के लिए व्यवस्था को व्यवस्थित किया जाए ताकि किसी भी महिला को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।



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