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भिवानी में गौ हत्या रोकने के लिए प्रदर्शन:2 नंदियों ने किया नेतृत्व, गाय को राष्ट्रमाता बनाने की उठाई मांग, सौंपा ज्ञापन




भिवानी में सोमवार को आस्था और संकल्प का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। अवसर था गौ सम्मान दिवस विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने पूरे उत्साह के साथ मनाया। शहर की सड़कों पर उमड़े गौ भक्तों ने केंद्र सरकार से मांग की कि गौ माता को अब राष्ट्र माता का गौरवपूर्ण दर्जा दिया व गौ हत्या पर पूर्ण रूप से रोक लगे। प्रदर्शन में सान्निध्य जूना अखाड़ा के श्रीमहंत डॉ. अशोक गिरी महाराज का रहा। जबकि नेतृत्व दो नंदियों का रहा। भिवानी के प्रेक्षा विहार में गौ रक्षा दल, बजरंग दल व साधु संतों के अलावा अन्य लोग इकट्‌ठा हुए। यहां से शहर में प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। जहां पर उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, हरियाणा के राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र सौंपा। जिसके माध्यम से गौ हत्या पूर्ण रूप से बंद करने की मांग की। साथ ही गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिलाने की मांग उठाई। यह प्रदर्शन भिवानी के अलावा देशभर की तहसीलों पर किया गया। गौ माता केवल एक पशु नहीं, भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की आत्मा है- अशोक गिरी
इस मौके पर श्रीमहंत डॉ. अशोक गिरी महाराज ने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गौ माता केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की आत्मा है। हमारे शास्त्रों में वर्णित 33 कोटि देवी-देवताओं का वास गौ माता में है। आज समय आ गया है कि हम अपनी आस्था को संवैधानिक सम्मान दिलाएं। भाजपा सरकार को करोड़ों देशवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए अविलंब गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करना चाहिए तथा गौ हत्या पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगना चाहिए। यह कदम भारत को पुन: विश्व गुरु बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। मांग पूरी नहीं होने तक शांतिपूर्ण संघर जारी रहने की चेतावनी
इस अवसर पर गौ रक्षा दल के प्रधान संजय परमार, गौभक्त प्रदीप बंसल, वरूण बजरंगी, ललित बजरंगी, मोनू भगत सिंह, राहुल राणा, गोपाल तंवर, सोनू परमार, कुकी परमार ने कहा कि यह प्रदर्शन और ज्ञापन सरकार को यह याद दिलाने के लिए है कि गौ भक्त अब रुकने वाले नहीं हैं। प्रशासन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा है। उनकी मांग है कि जब तक गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा नहीं मिलता तथा गौ हत्या पर प्रतिबंध नहीं लगता, यह वैचारिक और शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रहेगा। भारत की कृषि और अर्थव्यवस्था की धुरी गौवंश ही रहा है। राष्ट्र माता घोषित होने से गौ संरक्षण के कड़े कानून और बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार होगा। इस अवसर पर अंकित शर्मा, शुभम, परमवीर, देवा, दिग्विजय, आदी तंवर, सूर्या, सचिन सैनी सहित अनेक गौभक्त मौजूद रहे।



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